भारत-नेपाल पाइपलाइन से आपूर्ति शुरू होने पर क्या नेपाल में सस्ता हो जाएगा पेट्रोल?

भारत-नेपाल तेल पाइपलाइन से पेट्रोल की आपूर्ति शुरू होने में अभी आठ महीने का वक़्त है. उम्मीद की जा रही है कि इससे परिवहन खर्च बचेगा और नेपाल में पेट्रोल सत्ता हो सकेगा..

जल्द ही नेपाल में भारत से पाइपलाइन के ज़रिए पेट्रोल का आयात शुरू हो जाएगा. भारत और नेपाल के बीच इस साझेदारी से चारों तरफ से ज़मीन से घिरे इस मुल्क में पेट्रोल की क़ीमतों में कुछ गिरावट आने की उम्मीद की जा रही है.

हालांकि अभी पाइपलाइन से पेट्रोल की आपूर्ति में कुछ समय लगेगा लेकिन अगर योजना के मुताबिक़ काम आगे बढ़ता है तो अगले साल जनवरी से इसे कार्यकारी किए जाने की संभावना है.

नेपाल ऑयल निगम के अमलेखगंज डिपो के प्रमुख विनीतामणि उपाध्याय ने बीबीसी को बताया कि इसके लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण अब "तेज़ी से किया जा रहा है."

उनके मुताबिक़ इससे पेट्रोल की ढुलाई के खर्च में कुछ कमी आ सकती है.

अभी तक नेपाल में पाइपलाइन से सिर्फ डीज़ल की आपूर्ति हो रही थी. आपूर्ति शुरू होने के बाद नेपाल में डीज़ल की क़ीमतों में दो रुपये प्रति लीटर तक की कमी आई थी.

दक्षिण एशिया की पहली अंतर्देशीय पाइपलाइन

भारत में बिहार के मोतिहारी से नेपाल में अमलेखगंज तक डीज़ल की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बनी थी. इसका काम अगस्त 2018 को चालू किया गया था.

हालांकि दक्षिण एशिया में इस पहली अंतर्देशीय पेट्रोलियम पाइपलाइन से कोवल डीज़ल की आपूर्ति हो रही थी, पेट्रोल की नहीं.

नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन के एक अधिकारी ने कहा कि अमलेखगंज में पेट्रोल के "भंडारण की क्षमता" के लिए ढांचा पूरी तरह से न होने के कारण ही ऐसा नहीं हो पा रहा था.

हालांकि, उन्होंने कहा, "पाइपलाइन निर्माण के दूसरे चरण में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के साथ साझेदारी में ऐसे भंडारण केंद्रों का निर्माण कार्य अब ज़ोंरों से हो रहा है."

ये अंतर्देशीय पाइपलाइन नेपाल और भारत के साझा निवेश से बनाई गई है और इसे 70 किलोमीटर और बढ़ाकर चितवन के लोथर तक ले जाने की योजना है. वर्तमान में निर्मित पाइपलाइन की कुल लंबाई 69.2 किलोमीटर है जिसमें से 36.2 किलोमीटर हिस्सा नेपाल में पड़ता है.

पेट्रोल पंप, नेपाल
Getty Images
पेट्रोल पंप, नेपाल

जनवरी से पेट्रोल की आपूर्ति शुरू होगी

विनीतामणि उपाध्याय ने कहा कि पाइपलाइन के दूसरे चरण के तहत अमलेखगंज में भंडारण केंद्र व अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण का काम चल रहा है.

उनके मुताबिक़, "वर्तमान में एनओसी और आईओसी के संयुक्त निवेश से विभिन्न बुनियादी ढांचे के निर्माण का काम जारी है. मौजूदा गति से काम चला तो जनवरी 2024 तक पाइपलाइन से पेट्रोल की आपूर्ति का काम शुरू हो जाएगा."

उनका कहना है कि इसके लिए भंडारण टैंक और पंप हाउस और अग्नि नियंत्रण व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है.

नेपाल ऑयल निगम के मुताबिक़, "अभी रोजाना 4,000 किलोलीटर के क़रीब डीजल की आपूर्ति पाइपलाइन से हो रही है."

वर्तमान में भैरहवा तक सारा डीजल पाइपलाइन से ही आ रहा है. वहां से तेल टैंकरों में भरा जाता है और देश के दूरदराज़ के इलाक़ों तक पहुंचाया जाता है.

कितनी भंडारण क्षमता?

उपाध्याय के मुताबिक़, अमलेखगंज डिपो की भंडारण क्षमता 19,000 किलोलीटर डीज़ल की है.

उन्होंने कहा, "नेपाल में कुल पेट्रोलियम खपत में सबसे बड़ी हिस्सेदारी डीज़ल की है. देश में कुल खपत में डीज़ल की हिस्सेदारी 65 से 70 फ़ीसदी तक है."

लेकिन अमलेखगंज में पेट्रोल की भंडारण क्षमता बहुत सीमित है. यहां सिर्फ 3,500 किलोलीटर पेट्रोल ही स्टोर किया जा सकता है.

उनके मुताबिक, आईओसी के निवेश से अमलेखगंज में 4-4 हजार किलोलीटर के दो पेट्रोल स्टोरेज टैंक बनाए जा रहे हैं. इसी प्रकार नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन के निवेश से दो टैंकों का निर्माण किया जा रहा है.

उनका कहना है कि जब डीज़ल और पेट्रोल को एक ही पाइप से भेजा जाता है तो कुछ मात्रा में तेल मिक्स हो जाता है. इसी कारण तेल स्टोर करने के लिए अलग टैंक बनाया जा रहा है.

भंडारण स्थल बनने के बाद वर्तमान में बरौनी से टैंकरों में जो पेट्रोल भरा जा रहा है वह भी पाइपलाइन के ज़रिए ही नेपाल लाया जाएगा.

बताया जा रहा है कि इस योजना के दूसरे चरण में नेपाल और भारत कुल मिलाकर दो अरब रुपये से अधिक खर्च करेंगे.

पेट्रोल
Getty Images
पेट्रोल

पाइपलाइन से आपूर्ति का फ़ायदा

अधिकारियों के मुताबिक़, पाइपलाइन का काम पहले पूरा हो सकता था लेकिन कोविड महामारी के कारण इसमें कुछ देरी हुई है.

उपाध्याय ने कहा, "पाइपलाइन सामान लाने-ले जाने का आधुनिक साधन है. इससे न केवल परिवहन आसान होगा बल्कि तेज़ और अधिक विश्वसनीय भी होगा. पाइपलाइन से टैंकरों के परिवहन से होने वाले पर्यावरण को होने वाले नुक़सान को कम किया जा सकेगा और रास्ते में चोरी और मिलावट भी कम होगी."

उनके मुताबिक़, "फिलहाल काठमांडू तक पेट्रोल पहुंचाने में 6.72 नेपाली रुपये प्रति लीटर का खर्च आता है. पाइपलाइन से आपूर्ति से यह खर्च क़रीब साढ़े चार रुपए तक आएगा."

ये भी पढ़ेंः-

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+