RIP Rahul Bajaj: नेहरू ने रखा था राहुल बजाज का नाम, जिससे नाराज हो गई थीं इंदिरा
नई दिल्ली, 12 फरवरी: देश के जाने-माने उद्योगपति और बजाज ऑटो के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज का शनिवार को निधन हो गया। वो काफी वक्त से कैंसर से पीड़ित थे। 10 जून 1938 को कोलकत्ता में जन्मे राहुल बजाज का परिवार महात्मा गांधी और नेहरू परिवार के काफी करीब था। राहुल का जब जन्म हुआ तो उनका नामकरण तक नेहरू ने किया था। इस वजह से इंदिरा गांधी काफी दिनों तक नाराज थीं।

राहुल के पिता की नेहरू से अच्छी दोस्ती
दरअसल राहुल बजाज के बाबा जमनालाल को महात्मा गांधी अपने बेटे की तरह मानते थे। जिस वजह से उनकी नेहरू के साथ अच्छी दोस्ती हो गई। राहुल के पिता कमलनयन बजाज और नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी दोनों एक स्कूल में पढ़ने जाते थे। इस वजह से उनमें भी अच्छी जान-पहचान थी। जब कमलनयन के घर बेटे (राहुल बजाज) का जन्म हुआ तो उन्होंने ये खुशखबरी नेहरू को दी, जिस पर वो काफी खुश हुए।

इंदिरा रखना चाहती थीं बेटे का नाम
खुशखबरी देने के बाद कमलनयन ने बेटे के नाम का जिक्र नेहरू के सामने किया, जिस पर उन्होंने राहुल नाम सुझाया। इस पर तुरंत बजाज परिवार ने अमल किया और बेटे का नाम राहुल बजाज रख दिया। कुछ ही दिनों में ये बात इंदिरा गांधी को पता चली, जिस पर वो नेहरू से नाराज हो गईं। बाद में पता चला कि इंदिरा अपने बेटे का नाम राहुल रखना चाहती थीं, अब पारिवारिक मित्र के घर ऐसा नाम होने की वजह से वो उसे नहीं रख सकती थीं।
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नाम की अदला-बदली हुई
1942 में इंदिरा गांधी ने फिरोज गांधी से शादी की। इसके बाद उनको पहली संतान हुई। राहुल नाम तो बजाज परिवार में चला गया था, ऐसे में इंदिरा ने उसे मॉडिफाई करते हुए अपने बेटे का नाम राजीव गांधी रख दिया। वहीं दूसरी ओर राहुल बजाज ने 1961 में मराठी क्वीन रूपा गोलप से शादी की। जब उनके घर बेटे का जन्म हुआ तो उन्होंने इंदिरा के बेटे के नाम पर अपने बेटे का नाम राजीव बजाज रख दिया।

ऐसे पड़ा राहुल गांधी का नाम
गांधी परिवार और बजाज परिवार में नाम की अदला-बदली का सिलसिला चलता रहा। राजीव गांधी जब बड़े हुए तो उन्होंने सोनिया गांधी से शादी की। जब उनके बेटा हुआ तो उन्होंने उसका नाम राहुल रखा।












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