हिंदू-मुस्लिम जोड़े के कथित रूप से भागने के बाद सिरमौर में पथराव हुआ
हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब इलाके में, दो गुटों के बीच हुई झड़प में कम से कम दस लोग घायल हो गए, जिनमें पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। यह संघर्ष एक हिंदू-मुस्लिम जोड़े के कथित भाग जाने को लेकर हुआ, जिससे स्थानीय हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, उनका दावा है कि यह "लव जिहाद" का मामला है। पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है।

18 वर्षीय महिला के परिवार ने बताया कि उसने कथित तौर पर 4 जून को 19 वर्षीय एक युवक के साथ भाग गई। विरोध प्रदर्शन चार दिनों से अधिक समय से चल रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने नाहन-पांवटा राजमार्ग को लगभग एक घंटे के लिए अवरुद्ध कर दिया। तनाव तब बढ़ गया जब प्रदर्शनकारी युवक के घर की ओर बढ़े, जिसके परिणामस्वरूप दोनों तरफ से पत्थरबाजी हुई।
पुलिस ने हिंसा को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं और अधिकारियों सहित दस से अधिक लोग घायल हो गए। स्थानीय हिंदू समूहों ने महिला का पता न लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन की आलोचना की है और उन पर स्थिति से निपटने में नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने स्थानीय भाजपा विधायक सुखराम चौधरी के साथ मिलकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर पीड़िता के परिवार के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया और जब तक महिला को ढूंढ नहीं लिया जाता और पत्थरबाजी के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने की कसम खाई।
बिंदल ने कहा कि ग्रामीण पुलिस स्टेशन के बाहर धरना देंगे, जिसे वे "लव जिहाद" का मामला बता रहे हैं, उसके लिए न्याय की मांग करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को परिणाम भुगतने होंगे।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चय सिंह नेगी ने आश्वासन दिया कि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन नियंत्रण में है। आगे की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने शामिल सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून प्रवर्तन के प्रयासों पर विश्वास करने का आग्रह किया।
With inputs from PTI












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