अंतरिक्ष से एक और टेंशन वाली खबर, हमारी आकाशगंगा से टकरा सकता है दुर्लभ तारा, सूर्य से 20 गुना ज्यादा गर्म

नई दिल्ली: एस्टेरॉयड का हमारे सौरमंडल में आना और पृथ्वी के करीब से गुजरना आम बात हो गई है। हर एक-दो महीने पर इससे जुड़ी खबर आ ही जाती है, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक तारे को लेकर चेतावनी दी है, जो तेजी से हमारी आकाशगंगा की ओर बढ़ रहा है। इसकी रफ्तार भी काफी ज्यादा है। इस तारे पर वैज्ञानिकों की पूरी नजर है और वो उससे जुड़े शोध भी कर रहे। (Pic Credit- NASA)

कितनी है रफ्तार?

कितनी है रफ्तार?

वैज्ञानिकों के मुताबिक जेटा ओफियुचि (Zeta Ophiuchi) नाम का तारा हमारी आकाशगंगा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसकी रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति सेकेंड है। आशंका है कि भविष्य में इसकी हमारे आकाशगंगा से टक्कर होगी, जिसके काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है। इससे बारे में वैज्ञानिक विस्तार से शोध कर रहे हैं।

नहीं रहता स्थिर

नहीं रहता स्थिर

वैसे तो हमारे सौरमंडल में सूर्य सबसे ज्यादा गर्म तारा है, लेकिन जेटा उससे भी 20 गुना ज्यादा गर्म है। इस वजह से वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि ये तारा अभी हमारी पृथ्वी से 440 प्रकाश वर्ष दूर है, जो ओफ‍िचस के भूमध्यरेखीय नक्षत्र में पाया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक जेटा ओफियुचि हमारे तारामंडल के दुर्लभ तारों में से एक है। इसकी पहली खासियत है कि ये तारामंडल का तीसरा सबसे चमकदार तारा है, जबकि दूसरी खासियत ये है कि ये एक जगह पर स्थिर नहीं रहता। इसी वजह से इसके हमारी आकाशगंगा में क्रैश होने की आशंका है।

सुपरनोवा विस्फोट से हुआ पैदा

सुपरनोवा विस्फोट से हुआ पैदा

शोध में पता चला कि इन तारों का जीवनकाल अन्य तारों के मुकाबले बहुत ज्यादा छोटा है। अभी तक इसके कोर में हीलियम और हाइड्रोजन का पता चला है। अब वैज्ञानिक इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसके क्रैश होने पर पृथ्वी और इंसानों पर कितना प्रभाव पड़ेगा। अभी तक बस इतना ही पता चल पाया है कि ये सुपरनोवा विस्‍फोट से पैदा हुआ था। सुपरनोवा विस्फोट तब होता है, जब कोई तारा बूढ़ा हो जाता है।

10 लाख डिग्री तक हुआ गर्म

10 लाख डिग्री तक हुआ गर्म

नासा के स्पिट्जर स्पेस टेलीस्कोप से मिले इन्फ्रारेड डेटा से पता चला कि एक विशाल शॉकवेव ने जेटा ओफियुचि से चीजों को स्वाइप किया और इसे गैस के आसपास के बादलों में भेज दिया। इसकी एक तस्वीर भी नासा के चंद्र एक्स-रे वेधशाला ने ली थी। जिससे पता चला कि शॉकवेव ने तारे के आसपास की गैस को 10 लाख डिग्री तक गर्म कर दिया।

क्या पृथ्वी का अंत करीब?

क्या पृथ्वी का अंत करीब?

नासा के मुताबिक वैज्ञानिक इसके महत्व को देखते हुए इस अजीबोगरीब तारे के वातावरण और इसके आसपास की चीजों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा खगोलविदों की एक टीम वर्तमान में शॉकवेव के 3D कंप्यूटर मॉडल का परीक्षण कर रही है, जिसने अपने साथी सितारों से जेटा ओफियुचि को चीर दिया। इस रिपोर्ट के आते ही अब लोग यही पूछ रहे कि क्या पृथ्वी का अंत करीब आ रहा है?

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