एसटी कमीशन चेयरमैन बोले- योगी गलत, हनुमान दलित नहीं अनुसूचित जनजाति के
नई दिल्ली। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय ने दावा किया है कि भगवान हनुमान दलित नहीं अनुसूचित जनजाति के हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हनुमान को दलित बताया था। इसके बाद अब नंद कुमार ने योगी को गलत बताते हुए हनुमान को एसटी कहा है।

नंद कुमार ने दिया ये तर्क
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय गुरुवार को मुख्य सचिव और समाज कल्याण के अधिकारियों के साथ बैठक के लिए लखनऊ पहुंचे। यहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, हनुमान जनजाति में गोत्र होता है, हनुमान अनुसूचित जनजातियों की तरह ही जंगलों में रहते थे, वो दलित नही हैं बल्कि अनुसूचित जनजाति के हैं।

हनुमान के गोत्र को लेकर नंदकुमार ने दिया उदाहण
नंद कुमार साय ने हनुमान की जाति के पक्ष में अपनी बात को मजबूत करने के लिए तर्क दिया क जनजातियों में हनुमान एक गोत्र होता है। जैसे तिग्गा है, तिग्गा कुडुक में है। तिग्गा का मतलब बंदर होता है। कुछ जनजातियों हनुमान गोत्र है, और कई जगह गिद्ध गोत्र है। जिस दंडकारण्य में भगवान राम ने सेना संधान किया था, उसमें ये जनजाति वर्ग के लोग आते हैं तो हनुमान दलित नहीं जनजाति के हैं।

योगी ने हनुमान को बताया है दलित
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राजस्थान के अलवर में एक चुनावी सभा में हनुमान के दलित होने का दावा किया है। योगी ने कहा, बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, गिर वासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं। योगी का ये बयान लगातार चर्चा में है। राजस्थान ब्राह्मण सभा ने उनके बयान को गलत कहते हुए आदित्यनाथ को कानूनी नोटिस भेजा है। विपक्ष पार्टियां आदित्यनाथ के भगवान की जाति बताने को खराब स्तर की राजनीति बता रहे हैं तो वहीं सोशल मीडिया पर इसको लेकर मजाक भी खूब हो रहा है।












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