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अनाज घोटाले की CBI जांच पर J&K हाई कोर्ट ने रोक लगाई

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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की श्रीनगर बेंच ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए 26000 क्विंटल अनाज ले जा रहे गायब ट्रकों की सीबीआई जांच पर रोक लगा दी है। पिछले सितंबर में, सीबीआई की श्रीनगर इकाई ने भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें निजी ट्रांसपोर्टरों और निजी डिपो प्रबंधकों द्वारा खाद्य गबन और जाली दस्तावेज बनाने की बात कही गई थी।

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एफआईआऱ के मुताबिक पंजाब के जालंधर की करतारपुर और भोगपुर एसीआई डिपो से पिछले महीने प्राइवेट डिपो से 130 ट्रक चावल और गेंहू लेकर बारामुला के लिए निकले थे। इन ट्रकों ने काजीगुंज की लॉअर मुंडा चेकपोस्ट तो पार की लेकिन ये ट्रक बारामुला डिपो पहुंचे ही नहीं। सीबीआई ने जांच में पाया कि लोअर मुड़ा चेकपोस्ट के चालान फर्जी थे जिन्हें एफसीआई के कर्मचारियों ने मिलीभगत से बनाया था।

राज्य के सरकारी स्टाफ ने प्राइवेट डिपो के साथ मिलकर 26 हजार क्विंटल अनाज गायब कर दिया। इसके अलावा, एफसीआई जांच के मुताबिक नकली टिकटों के साथ नकली चालान और गलत संख्या टोल के रजिस्टर पर दर्ज की गई थी। अगस्त में एफसीआई ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था।

एक महीने बाद, सीबीआई ने नियमित जांच में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार का मामला दर्ज किया लेकिन इससे पहले कि वह छापेमारी और गिरफ्तारी के लिए आगे बढ़ती, पंजाब स्थित ट्रांसपोर्टरों ने श्रीनगर बेंच में याचिका दायर कर दी। जिसमें कहा गया कि सीबीआई के अधिकार क्षेत्र में जम्मू कश्मीर नहीं आता है। जिसके बाद कोर्ट ने सीबीआई जांच पर रोक लगा दी।

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English summary
Srinagar bench of Jammu & Kashmir High Court stay on CBI investigation on PDS scam,
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