Video: समुद्र में डूब रहे दो भारी भरकम हाथी को नौसेना के गोताखोरों ने देखिए कैसे बचाया
Video: समुद्र में डूब रहे दो हाथी को नौसेना के गोताखोरों ने देखिए कैसे बचाया
नई दिल्ली। श्रीलंका के समुद्र में नौसेना के गोताखोरों ने दो डूबते हुए हाथी की जान बचाई। ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है और नौसेना के इस नेक कार्य की यूजर्स जमकर प्रसंशा कर रहे हैं।

अचानक नौसेना को दो हाथी गहरे पानी में डूबते नजर आए
दरअसल, श्रीलंका के समुद्र में अचानक नौसेना को दो हाथी गहरे पानी में डूबते नजर आए। तुंरत नौसेना के गोताखोर तीन नावों पर सवार होकर इन हाथियों को बचाने पहुंच गए। स्थानीय मछुआरों की मदद से गोताखोरों ने रस्सियों के साथ बांध कर साढ़ें पांच सौ हजार किलो के हाथियों को तेज समुद्र की लहरों के बीच बचाया। गोताखोर लंबे समय तक मशक्कत करकने के बाद रस्सियों के सहारे से रविवार को जंगली हाथियों के जोड़े को समुद्र से बाहर निकाल कर उनकी जान बचाने में कामयाब हुए।
This #elephant rescue will cheer you up. Via Whatsapp. pic.twitter.com/tFfbf8OpLA
— Parveen Kaswan, IFS (@ParveenKaswan) May 19, 2020
रस्सियों से बांध कर गोताखोरों ने बचाया।
वीडियो में आप देख सकते हैं कि पानी में डूबते हुए ये हाथी बड़ी मुश्किल में दिख रहे हैं। बड़ी मुश्किल से श्रीलंका के तट से लगभग आधे मील दूर गहरे समुद्र में पानी में ये समुद्र की लहरों के बहाव में शरीर पर संतुलन खो देने के बाद डूबने लगते हैं। जिन्हें रस्सियों से बांध कर गोताखोरों ने बचाया। नौसेना ने एक बयान में कहा, "दोनों हाथियों को किनारे पर सुरक्षित रूप से ले जाने के बाद, उन्हें बाद में फाउल प्वाइंट जंगल में भेज दिया गया हैं। "वे बहुत भाग्यशाली थे जिन्हें एक गश्ती शिल्प द्वारा देखा गया था, जिसे बचाव में मदद करने के लिए कई अन्य नावों में बुलाया गया था

नौसेना ने बताया कि कैसे इतने गहरे पानी में पहुंचे ये हाथी
बता दें दो हफ्ते पहले, नौसेना ने उसी क्षेत्र में इसी तरह के अभियान को चलाया, जिससे एक अकेला हाथी श्रीलंकाई तट से पांच मील दूर हिंद महासागर के गहरे पानी में चला गया। नौसेना के अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में उथले लैगून को पार करते समय जानवरों के बहने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग ये सवाल कर रहे हैं कि ये दोनों हाथी इतने गहरें पानी में पहुंचे कैसे। किसी ने जवाब दिया कि तैरते हुए वो बह गए। हालांकि नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि लैगून को पार करते हुए जानवरों के समुद्र में बहने की संभावना अधिक होती हैं।

नौसेना पहले भी कर चुकी हैं ये नेक काम
मालूम हो कि जैव विविधता द्वीप में परेशानी का सामना करने वाले ये एकमात्र वन्यजीव नहीं हैं। मई में, नौसेना और स्थानीय निवासियों ने एक प्राकृतिक बंदरगाह, जो व्हेल-वॉचिंग के लिए लोकप्रिय है, त्रिनकोमाली में फंसे हुए 20 पायलट व्हेलों को पिछले दिनों बचाया था। माूलूम हो कि त्रिंकोमाली स्थान के आसपास के पानी, जो कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक चौकी के रूप में संबद्ध बलों द्वारा उपयोग किया गया था, में नीले और शुक्राणु व्हेल बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। जबकि आसपास के जंगलों में जंगली हाथियों के झुंड भी रहते हैं।












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