SpiceJet Flight के कॉकपिट में क्यों घुसी दो महिला पैसेंजर? क्या था कोई बड़ा मकसद? टेकऑफ में 7 घंटे की देरी
SpiceJet Flight Chaos: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 14 जुलाई 2025 को स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-9282 में उस समय हड़कंप मच गया, जब दो यात्रियों ने टेकऑफ से ठीक पहले कॉकपिट में जबरन घुसने की कोशिश की। इस घटना के चलते दिल्ली से मुंबई जाने वाली उड़ान को 7 घंटे की देरी का सामना करना पड़ा।
विमान को वापस पार्किंग-वे में लाया गया, और दोनों उपद्रवी यात्रियों को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के हवाले कर दिया गया। लेकिन सवाल यह है कि आखिर इन यात्रियों का मकसद क्या था? क्या यह केवल हंगामा था, या इसके पीछे कोई बड़ा इरादा?

क्या और कैसे हुई पूरी घटना?
स्पाइसजेट के मुताबिक, फ्लाइट SG-9282 को दोपहर 12:30 बजे मुंबई के लिए रवाना होना था। विमान टैक्सीइंग (जमीन पर रनवे की ओर बढ़ना) शुरू कर चुका था, तभी दो महिला यात्रियों ने आपस में विवाद शुरू किया और कॉकपिट की ओर बढ़ने की कोशिश की। केबिन क्रू, कैप्टन, और अन्य यात्रियों ने उन्हें अपनी सीटों पर लौटने और सीटबेल्ट बांधने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सभी अनुरोधों को नजरअंदाज कर दिया। सुरक्षा को देखते हुए, कैप्टन ने तुरंत विमान को पार्किंग-वे में वापस लाने का फैसला किया। दोनों यात्रियों को उतारकर CISF को सौंप दिया गया, और फ्लाइट रात 7:21 बजे मुंबई के लिए रवाना हुई।
स्पाइसजेट ने बयान जारी कर कहा, '14 जुलाई 2025 को, फ्लाइट SG-9282 में दो यात्रियों ने टैक्सीइंग के दौरान कॉकपिट में अनधिकृत प्रवेश की कोशिश की, जिससे उड़ान में व्यवधान पैदा हुआ। यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विमान को वापस बे में लाया गया, और उपद्रवी यात्रियों को अधिकारियों को सौंप दिया गया।'
कॉकपिट में घुसने का मकसद क्या था?
प्रारंभिक जांच में दोनों यात्रियों के कॉकपिट में घुसने के मकसद का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस और CISF सूत्रों के अनुसार, यह घटना आपसी विवाद से शुरू हुई, जो बाद में अनियंत्रित हो गई। कुछ यात्रियों का कहना है कि दोनों महिलाएं नशे में थीं और एक-दूसरे से निजी विवाद के चलते उत्तेजित थीं, जिसके बाद उन्होंने कॉकपिट की ओर जाने की कोशिश की। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनका इरादा कॉकपिट में घुसकर कोई बड़ा नुकसान पहुंचाना था या यह केवल आवेश में किया गया गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार था।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने अटकलें लगाईं कि यह घटना किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है, लेकिन जांच एजेंसियों ने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया है।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इसकी जमकर चर्चा हुई। एक यूजर ने लिखा, 'विमान में इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। कॉकपिट विमान का सबसे संवेदनशील हिस्सा है, और इसकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।' कुछ यूजर्स ने यात्रियों की पहचान को लेकर अटकलें लगाईं, लेकिन स्पाइसजेट और जांच एजेंसियों ने उनकी पहचान को गोपनीय रखा है। कई लोगों ने कैप्टन के त्वरित फैसले की सराहना की, जिसने संभावित खतरे को टाल दिया।
विमान में उपद्रव की बढ़ती घटनाओं पर एक नजर
यह घटना हाल के महीनों में विमानों में यात्रियों के आपत्तिजनक व्यवहार की कई घटनाओं में से एक है। कुछ प्रमुख मामले:-
- जुलाई 2025: फिलाडेल्फिया से मियामी जा रही एक फ्लाइट में भारतीय-अमेरिकी यात्री ने दूसरे यात्री का गला दबाने की कोशिश की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
- जून 2025: दुबई से जयपुर की एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट में एक यात्री ने नशे में एयर होस्टेस के साथ छेड़छाड़ की और उसे गलत तरीके से छुआ।
- अप्रैल 2025: दिल्ली से बैंकॉक की एयर इंडिया फ्लाइट AI-2336 में एक यात्री ने बगल में बैठे व्यक्ति पर पेशाब कर दिया।
- सितंबर 2024: दुबई से लखनऊ की एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट IX-194 में एक यात्री ने शराब पीकर एयर होस्टेस को धक्का दिया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
विमानन सुरक्षा पर बढ़ता खतरा
एक्सपर्ट्स की मानें तो, कॉकपिट में अनधिकृत प्रवेश की कोशिश एक गंभीर अपराध है, जो विमान की सुरक्षा और सभी यात्रियों की जान को खतरे में डाल सकता है। विमानन नियमों के अनुसार, टैक्सीइंग के दौरान यात्रियों को अपनी सीटों पर बेल्ट बांधे रहना अनिवार्य है। कॉकपिट में प्रवेश न केवल उड़ान नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह आतंकवाद विरोधी सुरक्षा प्रोटोकॉल का भी गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
जांच में क्या आया सामने? कानूनी कार्रवाई?
CISF ने दोनों यात्रियों को हिरासत में लिया है, और दिल्ली IGI एयरपोर्ट पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और विमानन नियमों के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह घटना नशे या मानसिक असंतुलन का परिणाम थी, या इसके पीछे कोई सुनियोजित मकसद था। यात्रियों की पहचान और उनके बैकग्राउंड की जांच की जा रही है।
स्पाइसजेट ने कहा, 'हमारी प्राथमिकता यात्रियों और क्रू की सुरक्षा है। ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
यात्रियों ने नाराजगी जताई, लेकिन सुरक्षा पर सहमति
7 घंटे की देरी के कारण यात्रियों में भारी नाराजगी देखी गई। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरलाइन की आलोचना की, लेकिन कुछ ने कैप्टन के सुरक्षा को प्राथमिकता देने के फैसले का समर्थन किया। एक यात्री ने X पर लिखा, 'देरी से परेशानी हुई, लेकिन अगर कॉकपिट में कोई खतरा था, तो कैप्टन का फैसला सही था।'
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