दिव्यांग बच्चे को इंडिगो ने यात्रा करने से रोका, तो भड़क गए सिंधिया, कहा- ऐसे रवैये के लिए जीरो टॉलरेंस
घबरा रहे दिव्यांग बच्चे को इंडिगो ने विमान में यात्रा करने से रोका, तो भड़क गए सिंधिया, कहा- ऐसे रवैये के लिए जीरो टॉलरेंस
नई दिल्ली, 09 मई: इंडिगो के एक विमान ने रांची एयरपोर्ट पर एक दिव्यांग बच्चे को यात्रा करने से रोक दिया। रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो ने दिव्यांग बच्चे को रांची हवाई अड्डे पर विमान में सवार होने से इसलिए रोका क्योंकि वह ''घबराया'' हुआ था। रांची से हैदराबाद जाने वाली इंडिगो विमान ने दिव्यांग बच्चा और उसके माता-पिता के बिना ही उड़ान भर ली। अब इस पूरे मामले की जांच उड्डयन नियामक डीजीसीए ने शुरू कर दी है। वहीं नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि वह खुद इस मामले की जांच देख रहे हैं। सिंधिया ने ट्वीट कर कहा, ऐसे रवैये के लिए हमारे यहां जीरो टॉलरेंस है।
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सिंधिया बोले- ऐसे रवैये को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे...
नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन रिपोर्टों के बाद उचित कार्रवाई का वादा किया है। सिंधिया ने कहा कि एयरलाइन कर्मचारियों द्वारा इस तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार के लिए जीरो टॉलरेंस है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घटना के बारे में शिकायत करने वाले एक फ्लायर के पोस्ट के जवाब में ट्वीट करते हुए कहा, ''इस तरह के व्यवहार के प्रति जीरो टॉलरेंस है। किसी भी इंसान को इससे नहीं गुजरना चाहिए! मैं खुद इस मामले की जांच को देख रहा हूं, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।''

जानें क्या है पूरी घटना?
घटना के समय मौजूद एक यात्री अभिनंदन मिश्रा के ट्वीट के अनुसार, रांची हवाई अड्डे पर इंडिगो एयरलाइंस के एक प्रतिनिधि ने एक दिव्यांग बच्चे और उसके माता-पिता को समान व्यवहार नहीं करने के लिए विमान में नहीं चढ़ने दिया और यात्रा नहीं करने दिया। परिजन व अन्य यात्रियों ने इसका विरोध किया तो प्रतिनिधि ने उनसे कहा-सुनी भी की।
अभिनंदन मिश्रा ने कहा कि बच्चे को हवाई अड्डे पर कार की सवारी करने में असहजता थी और बोर्डिंग गेट पर आने पर वह काफी घबरा गया था और डर गया था। हालांकि, उसके माता-पिता ने बच्चे को कुछ खाने को दिया और उसे कंट्रोल कर लिया था। लेकिन बोर्डिंग के समय, इंडिगो के एक प्रबंधक ने परिवार को चेतावनी दी कि बच्चे को तब तक विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि वह 'सामान्य रूप से' व्यवहार नहीं करता।''

विकलांग बच्चे को उड़ान के लिए बताया जोखिम
इंडिगो के एक प्रबंधक ने कथित तौर पर घोषणा की कि विशेष रूप से विकलांग बच्चा एक उड़ान के लिए जोखिम है और स्थिति की तुलना शराबी यात्रियों से की। सह-यात्रियों के अनुसार, उस फ्लाइट में रांची से हैदराबाद एक डॉक्टर भी जा रहे थे, पूरी बात को समझने के बाद उन्होंने कहा कि अगर उड़ान के लिए दौरान कोई मुश्किल होगी तो वह समर्थन करेंगे। लेकिन आखिरकार इंडिगो की फ्लाइट ने बच्चा और उसके माता-पिता के बिना ही उड़ान भर ली।

इंडिगो ने जारी किया बयान
ट्वीट के वायरल होने के बाद, इंडिगो ने एक बयान जारी कर दावा किया कि विशेष रूप से विकलांग बच्चा डरा हुआ और घबराया हुआ था, वह विमान में नहीं चढ़ सकता था। बयान में उन्होंने लिखा, "ग्राउंड स्टाफ ने आखिरी मिनट तक बच्चे के शांत होने का इंतजार किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एयरलाइन ने उन्हें होटल में ठहरने की सुविधा प्रदान की और परिवार ने अगली सुबह अपने गंतव्य के लिए उड़ान भरी। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।''












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