राजस्थान: गहलोत सरकार के विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच के लिए आठ सदस्सीय टीम गठित
गहलोत सरकार के विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच के लिए आठ सदस्सीय टीम गठित
नई दिल्ली। राजस्थान में सियासी उठापटक के बीच हर दिन नया खुलासा हो रहा है। इस संबंध में वायरल ऑडियो टेप को लेकर भी बवाल मचा हुआ है। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला जयपुर के राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में 10 जुलाई को एक एफआईआर दर्ज करवाई थी। जिसकी जांच एसओजी ने शुरू कर दी थी। विधायकों की खरीद फरोख्त करके कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के तख्ता पलट की यह साजिश किसने और कैसे रची। इस बात का सिलसिलेवार जिक्र एसओजी की एफआईआर में है।अब इस प्रकरण की जांच के लिए की अगुवाई में आठ सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिससे संबंधित मामले की जांच की जा सके।
Recommended Video

एफआईआर में लिखा है कि एसओजी द्वारा 13 जून 2020 को अवैध हथियारों की तस्करी की रोकथाम के लिए मोबाइल नंबर 9929229909 व अवैध विस्फोटक पदार्थ की तस्करी की रोकथाम के लिए मोबाइल नंबर 8949065678 को अन्तावरोध के लिए लिया गया। उपरोक्त मोबाइल नंबर में हो रही बातचीत से प्रकट होता है कि वर्तमान में स्थापित राज्य सरकार को गिराने का प्रयास किया जा रहा है। बातचीत में ऐसी वार्ता की जा रही है कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री में झगड़ा चल रहा है। ऐसी स्थिति में सत्ता पक्ष कांग्रेस पार्टी व निर्दलीय विधायकों को तोड़कर सरकार गिराई जाए। इसके अलावा इस फोन पर हुई अन्य बातचीत का जिक्र एफआईआर में किया गया है।

इस एफआई के बाद एसओजी ने पिछले दिनों दो व्यक्तियों मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया था, जिसमें राजस्थान में कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त कर अशोक गहलोत सरकार अस्थिर करने के प्रयास किए जाने की साजिश रचने की बातचीत सामने आई थी। एसओजी के एडीजीपी अशोक कुमार राठौड़ ने इसके बाद कहा था कि व्यक्तियों के बीच हुई बाचतीत के आधार पर कह सकते हैं कि यह राजस्थान सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की साजिश रची जा रही थी। लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करना राजद्रोह का मामला है।













Click it and Unblock the Notifications