Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Idli Sambar: दक्षिण भारत की पहचान 'इडली' नहीं है इंडियन! जानिए इसका स्वादिष्ट इतिहास

South Indian Food: 'इडली' केवल एक भोज्य पदार्थ नहीं है बल्कि ये दक्षिण भारत की पहचान बन चुकी है। ये परंपरावादी भोजन को बढ़ावा देती है खाने में बहुत स्वादिष्ट भी होती है।

Idli Sambar

Idli Sambar: अगर आप कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रा या फिर महाराष्ट्र के निवासी हैं तो 'इडली-सांभर' से बिल्कुल अंजान नहीं होंगे। साउथ इंडिया का ये पारंपरिक व्यंजन दक्षिण भारत की पहचान है। इससे अच्छी हेल्दी और टेस्टी डाईट आपको कोई दूसरी नहीं मिलेगी। हालांकि राज्यों में इसके साथ परोसे जाने वाले सांभर और चटनी का टेस्ट भले ही अलग-अलग जगह अलग हो लेकिन स्टीम में पकाई गई 'इडली' का स्वाद एक ही जैसा होता है, जिसमें ना तो ऑयल होता है और ना ही कोई मसाला, इसके बावजूद ये खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है।

'इडली' मूल रूप से भारतीय है ही नहीं!

इसलिए तो कॉलेज के छात्र हों, या फिर ऑफिस जाने वाले बैचलर्स, बच्चों के टिफिन की बात हो या फिर कामकाजी महिलाओं के लंच का मामला, 'इडली' हर जगह फिट हो जाती है। कर्नाटक में 'इडली' तो अब 'स्ट्रीट फूड' बन चुकी है लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की पंरपरा और संस्कृति का पर्याय बनी 'इडली' मूल रूप से भारतीय है ही नहीं क्योंकि इसका जन्म भारत में नहीं हुआ है लेकिन हां इसके जन्मादाता जरूर इंडियन थे।

 Idli Sambar

इंडिया का नहीं इंडोनेशिया का भोजन

कल्नरी विशेषज्ञों के मुताबिक 'इडली' इंडिया का नहीं बल्कि इंडोनेशिया का भोजन है, जहां भाप में पकाई जाने वाले भोजन को वरियता दी जाती थी और तेल मसालों का प्रयोग नहीं होता था लेकिन इसे इंडिया में लाने वाले व्यापारी हैं और ये वो व्यापारी थे जो कि भारतीय मूल के ही थे, जो कि बिजनेस के सिलसिले में भारत छोड़कर इंडोनेशिया में जा बसे थे और जब भारत की हालत सुधरी तो वो इंडिया वापस आ गए और इस तरह से इंडिया में 'इडली' बनने लग गई।

'केडली' बन गई 'इडली'

तो वहीं दूसरी धारणा के मुताबिक इंडोनेशिया के इसयाना वंश के लोग हिंदू धर्म का पालन करते थे और शाकाहारी भोजन खाते थे। उनका रसोईया भारतीय था, जो कि इडली जैसा भोजन भाप में पकाता था, जिसे कि वो 'केडली' कहते थे और बाद में जब वहां को लोग भारत दर्शन और बिजनेस के लिए यहां आए तो उन्होंने साउथ के ही क्षेत्र को बिजनेस के लिए चुना था, जिससे यहां पर 'केडली' बनने लग गई जिसे तत्कालीन भारतीयों ने 'इडली' नाम दे दिया।

इडली अरब मूल के लोगों की देन है!

तो वहीं कर्नाटक के कुछ इतिहासकार मानते हैं कि 'इडली' अरब मूल के लोगों की देन है, जो कि भारत में जब आए थे तो चावल को गोल-गोल पकाकर नारियल की चटनी के साथ खाते थे तो वहीं 920 CE में लिखे शिवकोटि आचार्य के कन्नड़ लेख में इसका उल्लेख है, जिसमें चावल नहीं बल्कि उड़द के दाल की चीजों के भाप में पकाने की बात का जिक्र है तो वहीं कन्नड़ राजा एवं ज्ञानी सोमेश्वर तृतीय के कार्यकाल में भी 'इडली' जैसे भोजन का जिक्र मिलता है।

 Idli Sambar

'इडली' बनी साउथ की पहचान

फिलहाल इतिहास चाहे जो भी कहे लेकिन सच तो ये है कि 'इडली' आज पूरे भारत में बड़े चाव से खाई जाती है। मूल तौर पर तो 'इडली' को भाप में पकाते हैं लेकिन कहीं-कहीं इसका जायका बढ़ाने के लिए इसमें बहुत सारे प्रयोग भी किए जाते हैं। अब मार्केट में आपको 'फ्राईड इडली' , 'रवा इडली', 'तिरंगा इडली', 'स्टफ इडली', 'नारियल मीठी इडली' जैसी वैरायिटी भी मिलेगी। घर पर तो आप 'इ़डली' का स्वाद प्लेट या थाली में लेते हैं लेकिन जब केले के पत्ते पर 'इडली' को विधिवत में रूप में चटनी और सांभर के साथ परोसा जाता है तो इसका स्वाद दो गुना बढ़ जाता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+