गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे चलाएगा 78 स्पेशल साप्ताहिक ट्रेन
नई दिल्ली। गर्मियों की छुट्टियों में साउथ सेंट्रल रेलवे 78 स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है। गर्मियों की छुट्टी में भारी भीड़ से यात्रियों को बचाने के लिए ये ट्रेन चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें साप्ताहिक होंगी, जो कोलकाता और दक्षिण भारत के कई शहरों से गुजरेंगी। ये ट्रेन पॉन्डुचेरी से संतरागची (कोलकाता), चन्नई सेंट्रल से संतरागची, संतरागची से चेन्नई सेंट्रल के लिए चलेंगी। इनसे विल्लुपुरम, नेल्लोर, कटक, विजयवाड़ा, भुवनेश्वर के यात्रियों को भी फायदा होगा। इनके साथ-साथ इस एरिया के और भी कई स्टेशन पर ये गाड़ियां रुकेंगी।

फेस्टिव सीजन में देना पड़ सकता है ज्यादा किराया
फेस्टिवल के सीजन में ट्रेन से सफर करने पर आपको पहले से अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है। इतना ही नहीं आपको ट्रेन में लोअर बर्थ के लिए पहले से ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है। रेलवे की किराया समीक्षा समिति ने किराया बढ़ोतरी को लेकर सिफारिश की है। अगर सफर के दौरान आप लोअर बर्थ का विकल्प चुनते हैं तो आपको पहले से ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। रेलवे की किराया समीक्षा समिति ने किराए को लेकर समीक्षा की है। यदि रेलवे बोर्ड इन सिफारिशों को स्वीकार कर लेता है तो रेल यात्रियों को नीचे की बर्थ और फेस्टिवल सीजन में टिकट रिजर्वेशन पर अधिक का भुगतान करना पड़ सकता है।

रेलवे ने महिला कर्मचारियों के लिए लगाई नैपकिन मशीन
मंगलवार को वेस्टर्न रेलवे ने अपने महिला कर्मचारियों से लिए नई पहल शुरू की है। वेस्टर्न रेलवे ने महिला कर्मचारियों के लिए सेनेटरी नैपकिन वेंड्रिंग मशीन इंस्टॉल करवाई है। वेस्टर्न रेलवे ने चर्चगेट के साथ-साथ छह डिवीजनों में लगवाया है। इन सेनेटरी नैपकिन वेंड्रिंग मशीन से महिला कर्मचारी ऑटोमेटिक तरीके से सेनेटरी पैड ले सकती है। चर्चगेट के अलावा ये सेनेटरी नैपकिन डिस्पेंसर मशीन वडोदरा, अहमदाबाद, रतलाम, राजकोट और भावनगर डिविजनों में लगाया गया है। इस सेनेटरी नैपकिन डिस्पेंसर मशीन से पैड लेने के लिए महिला कर्मचारियों को 5 रुपए डालकर लाल बटन दबाना होगा, जिसके बाद बिप की आवाज के साथ सेनेटरी पैड बाहर आ जाएगा।

जून से भारत में हाई स्पीड ट्रेनें
जून से भारत में वर्ल्ड क्लास हाई स्पीड ट्रेनें दौड़ेगी। पटरियों पर हाई स्पीड ट्रेनें होगी, जिसकी रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इन ट्रेनों को ट्रेन 18 का नाम दिया गया है। ये पटरियां जून 2018 से भारत में आएंगी, इसलिए इन्हें ट्रेन 18 का नाम दिया गया है। शुरुआत में दो वर्ल्ड क्लास ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिसके बाद इसी तकनीक का इस्तेमाल कर बाकी की ट्रेनें बनाए जाएगी, जिन्हें 2020 में पटरियों पर उतारा जाएगा। उन ट्रेनों को ट्रेन 20 का नाम दिया गया है। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने से सफर का समय 20 फीसदी तक कम हो जाएगा। ट्रेन में वाईफाई से लेकर जीपीएस ट्रैकिंग की सुविधा मिलेगी।












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