Monsoon: कब मिलेगी तपन से राहत? SASCOF ने मानसून को लेकर दिया बड़ा अपडेट
नई दिल्ली, 28 अप्रैल। उत्तर से लेकर दक्षिण तक इस वक्त पूरा भारत भयंकर गर्मी से दुखी और बेहाल है। सबको बेसब्री से बरखा-बहार का इंतजार है। लोग ऊपर वाले से प्रार्थना कर रहे हैं कि जिस तरह से गर्मी अपने तय वक्त से पहले आ गई है वैसे ही बारिश का मौसम भी अपने समय से पहले आ जाए, फिलहाल ऐसा संभव होता तो नहीं नजर आ रहा है लेकिन ये खबर जरूर आ गई है कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून-सितंबर) में सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार हैं।

दक्षिण एशियाई मौसमी जलवायु आउटलुक फोरम ने साउथ-वेस्ट मानसून के बारे में ये जानकारी दी है।इस फोरम में नौ दक्षिण एशियाई देशों के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान और जल विज्ञान सेवाओं (एनएमओ) के विशेषज्ञ शामिल हुए थे। इका कहना है कि पिछली बार की तरह इस बार भी बारिश अच्छी होने की संभावना है, जिससे खेती को फायदा होगा।

फोरम ने ये भी कहा कि सामान्य से अधिक वर्षा हिमालयी क्षेत्री, उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों में होगी तो वहीं सामान्य से कम वर्षा उत्तर के कुछ क्षेत्रों में और उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में सामान्य बारिश होगी। हालांकि जहां SASCOF ये बात कह रहा है, वहीं दूसरी ओर देश में प्री-मानसून गतिविधियां कम हुई हैं। आपको बता दें कि देश में मासून सीजन 6 जून के आस-पास शुरू होता है।
हालांकि मौसम विभाग ने ये कहा है कि 2 मई के बाद मिजाज बदलेगा और दिल्ली समेत कई राज्यों में हल्की बारिश के आसार हैं तो वहीं कुछ ऐसा ही कहना स्काईमेट का भी है। गौरतलब है कि 1 मार्च से 25 अप्रैल तक का डाटा देखा जाए, तो भारत के 20 राज्यों में प्री-मानसून की बारिश में अत्यधिक कमी दर्ज की गई है।

स्काईमेट के मुताबिक उत्तर भारत के कुछ हिस्सों को 4 से 7 मई के बीच चल रही लू से थोड़ी राहत मिल सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर में प्री-मानसून वर्षा और धूल भरी आंधी संभव है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज दिल्ली के कुछ हिस्सों में तापमान 45-46 डिग्री तक पहुंच सकता है। तो वहीं उसने राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और कहा है कि हर किसी को सेहत के प्रति काफी सचेत रहने की जरूरत है।












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