सोनू सूद से मदद मांगने वाले प्रवासियों ने क्यों डिलीट किए अपने Tweet, पूरे विवाद पर अब एक्टर भी बोले
मुंबई। देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण को रोकने के लिए मार्च के आखिर में लॉकडाउन लगाया गया था। जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित दिहाड़ी मजदूरी करने वाले प्रवासी मजदूर (Migrant Workers) हुए। इनमें से कई लोग पैसे की तंगी के कारण अपने घरों को पैदल ही निकल पड़े तो कुछ दूसरे राज्यों में महीनों तक फंसे रहे। ऐसे में इन लोगों के लिए मसीहा बनकर सामने आए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद। अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood Tweets) ने बड़ी संख्या में लोगों को उनके घरों तक पहुंचाया। लोगों ने घर लौटने के बाद सोनू सूद को सोशल मीडिया के जरिए धन्यवाद भी कहा।
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क्या है ट्वीट डिलीट होने के पीछे का कारण?
इस बीच ये गौर किया गया कि जिन ट्वीट से लोगों ने सोनू सूद से मदद मांगी थी उनमें से अधिकतर ट्वीट ट्विटर पर मौजूद ही नहीं हैं। कई ऐसे ट्वीट जिनका सोनू सूद ने रिप्लाई किया था, वो तक ट्विटर से डिलीट कर दिए गए हैं। इससे अभिनेता सोनू सूद को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ने लगीं। कई लोगों ने तो ये तक कह दिया कि ये ट्वीट खुद अभिनेता ने कराए थे। लेकिन ट्वीट डिलीट करने के पीछे की असल वजह कुछ और ही है। इस मामले में अभिनेता सोनू सूद ने भी अपनी बात कही है।

सोनू सूद ने क्या कहा?
क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में सोनू सूद ने कहा, 'मुझे लगता है कि ज्यादातर लोग अपने घरों तक पहुंच गए हैं और उन्हें मदद मिल गई है लेकिन फिर भी उनके नंबर सोशल मीडिया पर थे, तो उन्हें शायद अब भी मदद के लिए फोन आ रहे होंगे। तो मुझे लगता है कि इसी वजह से कुछ लोगों ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए होंगे, ताकि उनके नंबर इंटरनेट पर ना रहें। दूसरी बात बहुत से लोग ऐसे भी थे, जो मदद चाहते थे। जैसे ही उन्हें हमारी ओर से फोन आया तो उन्होंने ये कहते हुए ट्वीट डिलीट कर दिए कि वो केवल हमसे संपर्क करना चाहते थे।'
कई फेक लोगों ने भी किए थे ट्वीट
सोनू सूद ने आगे कहा, 'मुझे ऐसा भी लगता है कि लोगों का एक तबका ये भी पुष्टि करना चाहता था कि मदद लोगों तक पहुंच रही है या नहीं। तो उन्होंने नंबर डाले। इसलिए, मैंने यह कहते हुए ट्वीट किया था कि केवल जरूरतमंदों तक ही मदद पहुंचनी चाहिए, अन्यथा बहुत से ऐसे लोग जिन्हें वास्तव में मदद की आवश्यकता है, लेकिन हमें मिल रहे बहुत सारे मैसेज में उनके ट्वीट खो सकते हैं।' इसके अलावा सोनू सूद ने उनके नाम से फेक अकाउंट बनाकर पैसे मांगने वालों को लेकर भी लोगों को सतर्क किया था। इसके लिए उन्होंने ट्वीट कर लोगों से सावधान रहने को कहा था।

सुरक्षा के चलते भी लोगों ने ट्वीट डिलीट किए
जब लोगों के ट्वीट के डिलीट होने पर चर्चा हुई तो ये बात भी सामने आई कि जिन लोगों ने ट्वीट डिलीट किए थे, उसके पीछे सुरक्षा भी एक कारण था। लोगों ने जब मदद मांगी तो अपने फोन नंबर और आधार कार्ड नंबर शेयर किए थे। ऐसे में किसी के लिए भी इंटरनेट पर अपना फोन नंबर या फिर आधार नंबर छोड़ना सुरक्षित नहीं माना जाता है। इसलिए इन लोगों ने अपने ट्वीट डिलीट किए। इसके अलावा एक बात ये भी सामने आई कि कुछ लोगों ने केवल मदद मांगने भर के लिए ट्विटर पर अपना अकाउंट बनाया था और मदद मिलने के बाद ही ट्वीट डिलीट कर दिया। क्योंकि वो भी इंटरनेट पर खुद से जुड़ी कोई जानकारी ऐसे ही डले नहीं रहने देना चाहते थे।

संजय राउत ने उठाए थे सवाल
वहीं बात राजनीति की करें तो इस मामले में शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा था कि सोनू सूद उद्धव ठाकरे सरकार को नीचा दिखा रहे हैं। लेकिन सोनू सूद खुद 8 जून को उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे से मिले थे। साथ ही उनकी इस काम के लिए सराहना भी की गई। इसके अलावा संजय राउत ने ये भी कहा था कि सोनू सूद के पीछे किसी खास पार्टी का हाथ है। बहरहाल अब ट्वीट डिलीट होने के पीछे की असल वजह भी सामने आ गई है।












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