Solar Storm: सौर तूफान कर सकता है आपके मोबाइल पर अटैक, विशेषज्ञ ने कहा-रहें सावधान
बेंगलुरू, 12 जुलाई। सूरज से धरती की ओर तेजी से शक्तिशाली सौर तूफान बढ़ रहा है। जिसके लिए दावा किया जा रहा है कि ये अब किसी समय भी धरती से टकरा सकता है। 16 लाख किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा ये सौर तूफान सूरज की सतह में पैदा हुआ एक शाक्तिशाली तूफान है। इसका धरती पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। इस सौर तूफान का धरती से टकराने का पृथ्वी पर क्या असर पड़ेगा, ये मनुष्यों को कैसे प्रभावित करेगा? आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ का क्या कहना है।

अंतरिक्ष के क्षेत्र पर प्रभाव पड़ेगा
वन इंडिया से विशेष बातचीत में पर्यावरणविद, वरिष्ठ पत्रकारऔर जलवायु परिवर्तन की रणनीतिक संचारक डॉ. सीमा जावेद ने कहा कि सूर्य के वायुमंडल से उत्पन्न सौर तूफान का, पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के प्रभुत्व वाले अंतरिक्ष के क्षेत्र पर बहुत ही प्रासंगिक प्रभाव हो सकता है। ये एक छेद है जो सूर्य के वातावरण में खुल गया है जो तेज गति वाली सौर हवाएं और आवेशित कणों की एक धारा बना रहा है।

क्यों सौर तूफान से बढ़ गया है खतरा
सीमा जावेद ने आगे कहा कि ये सौर तूफान लगभग हर दस-ग्यारह साल पर आते हैं , ये नया नहीं है। ये धरती पर डाइनासोर के समय से आ रहे हैं लेकिन वर्तमान समय में आम इंसान सेटेलाइट, जीपीएस, इलेक्ट्रानिक उपकरण, सेलफोन सभी पर निर्भर हो चुके है तो इसके चलते ये आम इंसान को कुछ समय के लिए डिस्टर्ब करेगा और साथ ही थोड़ा सा व्यवधान छोटी-मोटी तबाही का कारण बन सकता है। क्योंकि ये सौर तूफान पृथ्वी-निर्देशित सौर तूफानों ने बिजली ग्रिड को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं और उपग्रह संचार बाधित कर सकते हैं।

सेल फोन सेवा और जीपीएस संकेतों को प्रभावित करेगा
क्योंकि ये सौर तूफान पृथ्वी-निर्देशित सौर तूफानों ने बिजली ग्रिड को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं और उपग्रह संचार बाधित कर सकते हैं। पृथ्वी से जुड़े चुंबकीय क्षेत्र को सौर तूफान से बाधित कर सकता है। यह सेल फोन सेवा और जीपीएस संकेतों को प्रभावित करेगा और वे गैस और तेल पाइपलाइन को भी प्रभावित कर सकता है। जिसके परिणामस्वरूप अंततः ये सिस्टम फेल या इनमें रिसाव हो सकता है।

सौर तूफान कितनी देर तक कर सकता है प्रभावित
सौर तूफान का बिजली की आपूर्ति और संचार के बुनियादी ढांचे पर प्रभाव डाल कर कितनी देर तक प्रभावित कर सकता है? इसके जवाब देते हुए सीमा जावेद ने बताया कि ये प्रभाव कुछ मिनटों से कुछ घंटों तक का भी हो सकता है। विशेषज्ञ ने साथ में ये भी कहा कि इसमें हमें घबराने की जरूरत बिलकुल नहीं हैं। बिजली की आपूर्ति और संचार के बुनियादी ढांचे पर असर पड़ने के कारण इससे इंसान को असुविधा से जरूर होगी लेकिन कुछ समय बाद स्थिति पहले जैसी सामान्य हो जाएगी।

किन देशों पर अधिक करेगा प्रभाव
सौर तूफान से कौन से देश सबसे अधिक प्रभावित होगे ? इसका जवाब देते हुए विशेषज्ञ डॉक्टर सीमा जावेद ने कहा हमारी पृथ्वी गोल है और इसका असर धरती से सूरज की दूरी पर निर्भर करेगा। जिस समय ये प्रभावी होगा उस समय देश की सूरज की दूरी कितनी होगी इस पर प्रभावशीलता निर्भर करेगी।
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