Social Media पर पोस्ट करने से पहले हो जाइए अलर्ट! अब सीधे आपके नाम आएगा सरकार का नोटिस! क्या है नया कानून?
IT Rules Draft 2026: केंद्र सरकार आईटी नियमों में एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B) सीधे व्यक्तिगत सोशल मीडिया यूजर्स को उनके पोस्ट हटाने के लिए नोटिस भेज सकेगा। अभी तक 2021 के आईटी नियमों के अनुसार, मंत्रालय केवल ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्म्स को ही ऐसे नोटिस जारी कर सकता था। आइए जानतें हैं इस ड्राफ्ट के मेन पॉइंट क्या हैं?
प्रस्तावित बदलावों के अनुसार, यदि सोशल मीडिया कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एडवाइजरी का पालन नहीं करती हैं, तो वे अपना 'सेफ हार्बर' संरक्षण खो सकती हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि प्लेटफॉर्म पर यूजर्स द्वारा पोस्ट की गई किसी भी सामग्री के लिए कंपनी को कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकेगा।

30 मार्च 2026 को जारी इस ड्राफ्ट संशोधन का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि नियम केवल आधिकारिक प्रकाशकों (Official Publishers) पर ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत यूजर्स द्वारा पोस्ट की गई समाचार और समसामयिक घटनाओं (News and Current Affairs) पर भी लागू होंगे।
क्या इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी की शक्तियां बढ़ रही हैं?
सरकार का तर्क है कि ये बदलाव मौजूदा नियमों को स्पष्ट करने और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए हैं ताकि कंटेंट की निगरानी बेहतर हो सके। हालांकि, इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने इसे 'असंवैधानिक सेंसरशिप का विस्तार' बताया है। IFF ने विशेष रूप से इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जिसके पास अब अपीलों को सुनने और मंत्रालय द्वारा भेजे गए किसी भी मामले पर निर्णय लेने का व्यापक अधिकार होगा।
क्या कंटेंट हटाने की समय सीमा कंपनियों के लिए चुनौती है?
आईटी अधिनियम की धारा 79 के तहत, सरकार ने प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी है कि नोटिस का पालन न करने पर कानूनी सुरक्षा खत्म हो जाएगी। फरवरी में हुए संशोधन के बाद, अनुपालन (Compliance) की समय सीमा 24-36 घंटे से घटाकर मात्र 2-3 घंटे कर दी गई है। इसी कानूनी जोखिम से बचने के लिए मेटा (Meta) जैसी कंपनियां अब पहले से कहीं अधिक तेजी से पोस्ट और अकाउंट हटा रही हैं।












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