सिमी की 30 स्‍लीपर सेल देशभर में सक्रिय, सुरक्षा एजेंसियों ने राज्‍यों को किया आगाह

SIMI-sleeper cells
मुंबई। सिमी जिसे स्‍टूडेंट इस्‍लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया के तौर पर जाना जाता है, एक बार फिर से वापसी को तैयार है। सिमी की ओर से मंगलवार को दिल्‍ली के गुरुद्वारों को ब्‍लास्‍ट करने की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ाकर रख दी है।

पहले ही इंडियन मुजाहिद्दीन और लश्‍कर-ए-तैयबा से मिलने वाली आंतकी चुनौतियों का सामना कर रहे सुरक्षा और इंटलीजेंस एजेंसियों के लिए यह बात चिंता का विषय बन गई है कि संगठन की 30 स्‍लीपर सेल्‍स पूरे देश में एक्टिव हो गई हैं।

इंटेलीजेंस ब्‍यूरों की ओर से सभी राज्‍यों को इस बारे में चेतावनी जारी की गई हैं। सूत्रों की मानें तो सिमी और इंडियन मुजाहिद्दीन के टॉप एक्टिविस्‍ट्स जिन्‍हें देश की अलग-अलग जेलों में रखा गया है, दिल्‍ली पूछताछ के लिए लाया गया है ताकि उनसे कुछ अहम जानकारियां हासिल की जा सकें।

इंटेलीजेंस ब्‍यूरों के एक वरिष्‍ठ अधिकारी के हवाले से आई एक मीडिया रिपोर्ट पर अगर यकीन करें तो इंडियन मुजाहिद्दीन का को-फाउंडर यासीन भटकल और दूसरे आतं‍की संगठनों से गिरफ्तार किए गए संदिग्‍ध एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता की तरह है।

हालांकि कई तरह की जांच में यह भी पता लगा है कि सिमी एक बार फिर से सक्रिय हो चुका है और इस बात से चिंताएं और बढ़ गई हैं।

कुछ दिनों पहले आई एक खबर के मुताबिक 27 अक्‍टूबर 2013 को मोदी की पटना रैली के दौरान जो ब्‍लास्‍ट्स हुए थे उसके पीछे सिमी का हाथ था। इम्तियाज अली अंसारी जिसे घटनास्‍थल से पुलिस ने गिरफ्तार किया था,उसके सिमी से जुड़े होने की खबरें आ रही हैं और माना जा रहा है कि वह संगठन की स्‍लीपर सेल का सदस्‍य है।

एक अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इंडियन मुजाहीद्दीन का सदस्‍य तहसीन अख्‍तर उर्फ मोनू अंसारी और सिमी के दूसरे सदस्‍यों के साथ बराबर संपर्क में था।

सुरक्षा एजेंसियों को अब हैदर उर्फ ब्‍लैक ब्‍यूटी की तलाश है जिस पर बिहार के सिमी मॉड्यूल का हिस्‍सा होने का शक है। हैदर के अलावा अब्‍दूस सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर की तलाश भी सुरक्षा एजेंसियों को है।

वर्ष 2008 में जब देश भर में स्थित इंडियन मुजाहीद्दीन के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई तो कुरैशी कहीं छिप गया था और तभी से ही वह गायब है। मुंबई का रहने वाले कुरैशी को कंप्‍यूटर ऑपरेशंस में ट्रेनिंग दी गई है।

वह पहले सिमी का ही एक्टिविस्‍ट था और फिर उसने इंडियन मुजाहिद्दीन के साथ हाथ मिला लिया। पिछले कई वर्षों से जब कभी भी वह सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगते ही गायब हो जाता है।

मध्‍य प्रदेश के खंडवा जेल से वर्ष 2013 में सात इंडियन मुजाहिद्दीन के सदस्‍य भाग गए थे और जिसमें से सिर्फ अबु फैजल उर्फ डॉक्‍टर को ही पुलिस पकड़ सकी। बाकी लोग अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लग सके हैं।

एक वरिष्‍ठ वुलिस अधिकारी के मुताबिक वह लगातार इन सदस्‍यों की तलाश कर रहे हैं क्‍योंकि वह देश भर में कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने की ताकत रखते हैं।

सुरक्षा एजेंसियां पहले ही टॉप सिमी एक्टिविस्‍ट सफदर नागोरी को दिल्‍ली ला चुकी हैं और उनकी कोशिश है कि वह उससे स्‍लीपर सेल से जुड़ी ज्‍यादा से ज्‍यादा जानकारियों को हासिल कर सकें।

सुरक्षा एजेंसियां नरेंद्र मोदी और दूसरे बड़े नेताओं पर हमले की साजिश के मद्देनजर भी कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहती हैं। सिमी को वर्ष 2001 में बैन कर दिया गया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+