अमित शाह की जान को खतरा, मिलेगा पीएम मोदी जैसा सिक्योरिटी कवर
नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव से 6 महीने पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की सिक्योरिटी अपग्रेड कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अमित शाह की सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद यह कदम उठाया है। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमित को अब ASL (advanced security liaison) के तहत सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यह सिक्योरिटी कवर अब तक सिर्फ देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह को मिला हुआ था। मतलब अमित शाह को Z+ सिक्योरिटी के साथ ASL कवर भी मिलेगा।

अब इंटेलिजेंस एजेंसियां पहले से करेंगी पुलिस से बातचीत
रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सिक्योरिटी रिव्यू के दौरान पाया कि अमित शाह को सुरक्षा की दृष्टि से काफी खतरा है, इसलिए उनका सिक्योरिटी कवर अपग्रेड कर दिया गया। Z+ सिक्योरिटी के तहत सेट्रल रिजर्व पुलिस और स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स के कम से कम 15 जवान 24 घंटे सुरक्षा में तैनात रहते हैं। अब चूंकि अमित शाह की सिक्योरिटी को ASL के तहत कवर किया जाएगा। इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो हर उस राज्य की पुलिस के कोऑर्डिनेंट करेगी, जहां-जहां अमित शाह का दौरा होगा। इसके बाद जैसी भी सूचना एकत्र होगी उसी हिसाब से जहां भी अमित शाह जाएंगे, वहां पहले से सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे।

अब अमित शाह के दौरे से पहले कर दिए जाएंगे सुरक्षा इंतजाम
पिछले साल गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भी केंद्र सरकार ने अमित शाह के लिए ASL सिक्योरिटी कवर को मंजूरी दी थी। 2018 में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में चुनाव होने हैं और उसके बाद 2019 लोकसभा चुनाव हैं। इस वजह से अमित शाह को लगातार विभिन्न राज्यों के दौरे करने पड़ रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दो हफ्ते पहले अमित शाह को ASL सिक्योरिटी कवर के सिलसिले में पत्र जारी कर सूचना दी। अब जहां-जहां अमित शाह जाएंगे, वहां-वहां इस प्रकार की सिक्योरिटी मीटिंग पहले ही होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, पत्र में कई और सुरक्षा के उपाय बताए गए हैं, जिन्हें सिक्योरिटी एजेंसियों को फॉलो करने को कहा गया है।

सिक्योरिटी ट्रेंड ड्राइवर ही चलाए अमित शाह की कार
जानकारी के मुताबिक, लेटर में अमित शाह की कार का ड्राइवर के बारे में खासतौर पर ताकीद की गई है। पत्र में लिखा गया है कि अमित शाह की गाड़ी का ड्राइवर 'सिक्योरिटी ट्रेंड' व्यक्ति ही होना चाहिए, मतलब जिसके पास विशेष प्रशिक्षण हो। न केवल अमित शाह की कार बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए चल रहे काफिले में भी ड्राइवर 'सिक्योरिटी ट्रेंड' ही होना चाहिए। इसके अलावा जो भी पीएसओ अमित शाह की सुरक्षा में तैनात किया जाए, उसकी उम्र 45 से कम होनी चाहिए और उसके पास पर्सनल प्रोटेक्शन ड्यूटी का अच्छा प्रशिक्षण भी होना चाहिए।

अमित शाह की कार की अच्छे से जांच की जाए, आने-जाने वाले हर रास्ते पर हो कड़ी निगरानी
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से पत्र में यह भी लिखा गया है कि जिस वाहन में अमित शाह जाएं, उसकी अच्छे से जांच हो। साथ ही उस जगह पर भी विशेष निगरानी हो, जहां अमित शाह को ठहरना हो। जिस स्थान पर अमित शाह ठहरें, वहां आने-जाने के हर रास्ते पर कड़ी निगरानी के लिए भी पत्र में विशेष तौर पर कहा गया है।












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