तिरुपति लड्डू विवाद की जांच करेगी SIT, सुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, CM चंद्रबाबू नायडू ने किया स्वागत
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तिरुपति लड्डू बनाने में पशुओं की चर्बी के उपयोग के आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है। अदालत ने कहा है कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा सवाल है, इसलिए इस मामले की सही जांच होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति लड्डू प्रकरण की जांच के 5 सदस्यीय एसआईटी गठित करने का आदेश दे दिया है। इस जांच दल में सीबीआई, पुलिस और FSSAI के अधिकारी शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तिरुपति लड्डू विवाद पर कहा कि यदि आरोपों में ज़रा भी सच्चाई है, तो यह अस्वीकार्य है। सुप्रीम कोर्ट को तुषार मेहता ने सुझाव दिया कि एसआईटी जांच की निगरानी केंद्र सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी से करवाई जानी चाहिए।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने ट्वीट किया, "मैं तिरूपति के लड्डू में मिलावट के मुद्दे की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करता हूं, जिसमें सीबीआई, एपी पुलिस और एफएसएसएआई के अधिकारी शामिल होंगे।"
ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए 30 सितंबर को मेहता से यह तय करने में सहायता करने को कहा था कि राज्य द्वारा नियुक्त एसआईटी या किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच की करवाई जानी चाहिए। तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लड्डू बनाने में पशुओं की चर्बी के कथित उपयोग के मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच के अनुरोध वाली याचिका सहित अन्य दूसरी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय सामने आया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम हम अदालत को सियासी युद्धक्षेत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देंगे।गत माह की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया था कि राज्य में पिछली जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान तिरुपति में लड्डू तैयार करने में पशु चर्बी का उपयोग किया गया था, जिससे एक बड़ा सियासी भूचाल पैदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू के सार्वजनिक बयान पर सवाल उठाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लैब रिपोर्ट बिल्कुल साफ़ नहीं है। कोर्ट ने पूछा कि इस बात का क्या सबूत है कि तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में दूषित घी का उपयोग किया गया था।
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