दिल्ली में एक बार फिर बढ़ा कोरोना वायरस का खतरा, 24 घंटों के भीतर 1,840 नए केस आए

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर कोरोना वायरस (कोविड-19) का खतरा बढ़ गया है। बीते कुछ दिनों से यहां संक्रमण के मामले काफी ज्यादा आ रहे हैं। यहां बीते 24 घंटों में लगातार तीसरे दिन गुरुवार को 1840 नए मामले सामने आए हैं। ये अगस्त महीने में एक दिन के भीतर आए सबसे अधिक मामले हैं। इससे पहले 10 जुलाई को यानी करीब 48 दिन पहले एक दिन में 2089 मामले सामने आए थे। अब राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले 1.67 लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं। इनमें से 4369 मरीजों की मौत हो गई है।

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    दिल्ली सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में 22 मरीजों की मौत हुई है। यहां संक्रमण का पॉजिटिव रेट 8.73 फीसदी हो गया है। जो बुधवार को 8.5 फीसदी था। वहीं सोमवार को 8.9 फीसदी और मंगलवार को 7.7 फीसदी था। जुलाई में पॉजिटिव रेट कम होकर 6 फीसदी पर पहुंच गया था। जिससे ऐसा लग रहा था कि बीमारी को नियंत्रित कर लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पॉजिटिव रेट का बढ़ना चिंता का विषय है और ये एक तरह का संकेत भी है कि महामारी दोबारा पहले की तरह लौट सकती है।

    जब एक बार वायरस को नियंत्रित कर लिया गया और टेस्ट भी लगातार अधिक संख्या में होते रहे, तो फिर मामले अचानक तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं। इस बारे में इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एवं बिलिअरी साइंसेज के डायरेक्टर डॉक्टर एसके सारिन कहते हैं कि RT-PCR टेस्टिंग की कम दर एक कारण हो सकती है। कोरोना वायरस की स्थिति का प्रबंधन करने के लिए गठित टास्क फोर्स का हिस्सा रहे डॉक्टर सारिन कहते हैं, 'रैपिड एंटीजन टेस्टिंग पर निर्भरता कम करनी होगी। इसकी संवेदनशीलता कम होती है, जिसका मतलब है कि यह अधिक संख्या में गलत निगेटिव रिजल्ट देती है।' उन्होंने कहा कि जो लोग उच्च जोखिम वाले स्थानों (जहां संक्रमण के मामले अधिक हैं) पर रहते हैं, उन्हें RT-PCR टेस्ट करवा लेना चाहिए।

    इसके साथ ही लोगों की गतिविधियां बढ़ी हैं लेकिन वायरस से बचाव के उपाय ठीक से नहीं अपनाए जा रहे हैं। जिसमें सबसे जरूरी है सामाजिक दूरी का पालन करना। इसिलए डॉक्टरों की सलाह है कि लोगों को मास्क पहनना, हाथों को साफ करना और सामाजिक दूरी का पालन करना काफी जरूरी है। मैक्स हल्थकेयर के डॉक्टर रेमिल टिकू कहते हैं कि बहुत से लोग सोशल डिस्टैंसिंग का पालन नहीं कर रहे और ना ही मास्क पहन रहे हैं, वायरस के मामलों में इस वजह से भी तेजी आ रही है। राजधानी में जुलाई के आखिर में सक्रिय मामले 10 हजार से कम थे, जो अब 13,208 हो गए हैं।

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