Sikkim Chunav Result 2024: जिस पार्टी से हुए अलग उसे 1 सीट पर समेटा, प्रेम सिंह तमांग बने SKM की जीत के हीरो
Sikkim Assembly Election Result: सिक्किम के विधानसभा चुनाव में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में फिर से वापसी की है। सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने प्रदेश की 32 विधानसभा सीटों में से 31 सीटों पर जीत दर्ज की है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के साथ हुए थे। एसकेएम की इस जबरदस्त जीत के हीरो पार्टी के मुखिया प्रेम सिंह तमांग रहे हैं। इस जीत के साथ ही प्रेम सिंह तमांग प्रदेश की फिर से कमान संभालेंगे।

लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत
सिक्किम के चुनाव में एकतरफा जीत दर्ज करने में प्रेम सिंह तमांग को काफी अहम माना जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी एसकेएम ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी और प्रदेश की सत्ता संभाली थी।
32 में से 31 सीटों पर जीत
पिछले चुनाव की तुलना में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है और प्रदेश की 32 में से सिर्फ एक सीट पर एसडीएफ ने जीत दर्ज की है। बाकी की सभी सीटों पर एसकेएम ने जीत दर्ज की।
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के संस्थापक
प्रेम सिंह तमांग की बात करें तो वो सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के संस्थापक सदस्य हैं। उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत करके 2013 में अलग पार्टी का गठन किया था। एसडीएफ के भ्रष्टाचार और कुशासन से तंग आकर तमांग ने अलग पार्टी बनाई थी।
पहले ही चुनाव में 10 सीटों पर जीत
पार्टी का गठन होने के बाद उन्होंने 2014 में चुनाव लड़ा और 10 सीटों पर जीत दर्ज की। पार्टी गठन करने के बाद 2014 में तमांग की पार्टी को चुनाव में 43 फीसदी वोट हासिल किए।
तीन दशक लंबा करियर
तमांग का राजनीतिक करियर तीन दशक लंबा रहा है। 1994 में वह पह बार एसडीएफ से विधायक चुने गए। जिसके बाद 2009 में उन्होंने प्रदेश की सरकार में मंत्री के रूप में काम किया।
2013 में बनाई अलग पार्टी
एसडीएफ के चौथे कार्यकाल में 2009-2014 के बीच तमांग को मंत्री पद नहीं मिला। जिसके बाद तमांग ने एडीएफ छोड़ अपनी पार्टी बना ली। उन्होंने एसडीएफ के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।
2016 में गए जेल
प्रेम सिंह तमांग को 2016 में सरकारी पैसे के साथ हेरफेर करने का दोषी पाया गया और बाद में उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई। प्रदेश के वह पहले ऐसे नेता थे जिन्हें सजा मिलने के बाद सदन से निलंबित कर दिया गया था।
लेकिन 2018 में जब वह जेल से निकले तो उनका जबरस्त स्वागत हुआ और 2019 में चुनाव जीतकर उन्होंने प्रदेश में सरकार बनाई। अब लगातार दूसरी बार तमांग प्रदेश की कमान संभालने जा रहे हैं।
सरकारी स्कूल में रहे शिक्षक
प्रेम सिंह तमांग नेपाली भाषी हैं और उनके पिता का नाम कालू सिंह तमांग,माता का नाम धान माया तमांग है। प्रेम सिंह तमांग का जन्म 5 फरवरी 1968 को हुआ था। उन्होंने दार्जिलिंग गवर्नमेंट कॉलेज से बीए की डिग्री ली।
इसके बाद उन्होंने स्कूल में अध्यापन का कार्य किया। प्रेम सिंह का विवाह कृष्णा राय से हुआ है और उनका एक बेटा है जिसका नाम आदित्य तमांग है। जोकि सिक्किम से विधायक हैं।












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