खड़गे के बयान के बाद सिद्धारमैया बोले, 'मैं सीएम की दौड़ में सबसे आगे हूं'
बेंगलुरु। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 24 अप्रैल को कहा था कि उनकी पार्टी की कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जीतने की बहुत अच्छी संभावना है और आलाकमान अगले मुख्यमंत्री पर फैसला करेगा। उनके इस बयान के बाद ये कयास लगाए जाने शुरू हो गए थे कि सिद्धारमैया सीएम पद की दौड़ में कांग्रेस की एक मात्र पसंद नहीं हैं। खड़गे के बयान के एक दिन बाद सिद्धारमैया ने खुद इस बात को साफ कर दिया कि वह कर्नाटक में मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे हैं। कर्नाटक में कांग्रेस के सबसे कद्दावर नेता ने कहा कि, पार्टी उनके नेतृत्व में राज्य में चुनाव लड़ रही है। इसलिए वह अपने आप ही इस रेस में सबसे आगे हैं।

पीएम मोदी सबसे बड़ी चुनौती
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में सिद्धारमैया ने कहा कि, कांग्रेस पिछले पांच वर्षों में उनकी सरकार द्वारा किए गए अच्छे प्रदर्शन के आधार पर चुनाव जीत जाएगी। सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य के लोग सरकार के प्रदर्शन से खुश हैं। सिद्धारमैया ने बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी को सबसे बड़ी चुनौती बताया। भाजपा एक सांप्रदायिक पार्टी है जिसकी अगुवाई पीएम मोदी करे हैं। हम इन सांप्रदायिक ताकतों को हरा कर दम लेंगे। यह हमारी जीत का पहला माप दंड है। अगला सामाजिक न्याय है, हम इसका पालन करते आए हैं और कर रहे हैं।

भाजपा राज्य में खराब माहौल बना रही है
सिद्धारमैया ने अमित शाह की जीत की रणनीति पर बोलते हुए कहा कि, अमित शाह की रणनीति अच्छी नहीं है। वह अब तक किसी तरह से चुनाव जीतते आए हैं। कर्नाटक के लिए उनके पास कोई खास रणनीति नहीं हैं। भाजपा राज्य में खराब माहौल बना रही है और समाज में शांति भंग कर रही है। हमने इस तरह के तत्वों से निपटने के लिए पर्याप्त उपाय किए है। उन्होंने ऐसा ही माहौल पड़ोसी राज्य केरल में बनाया था।

राज्य में त्रिशंकु विधानसभा नहीं
सिद्धारमैया ने एचडी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली जनता दल-सेक्युलर पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि, वे धर्मनिरपेक्षता के प्रति प्रतिबद्ध नहीं है। वे गठबंधन सरकार में बीजेपी के साथ पहले से ही हैं। वे कर्नाटक में नगरपालिका चुनावों में 20 महीने के लिए हैं। त्रिशंकु विधानसभा के मुद्दे पर बोलते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि, मेरे हिसाब से राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति नहीं बनेगी। दो जगह से चुनाव लड़ने के मुद्दे पर बोलते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि, वह अपनी पार्टी और अपने समर्थकों की भावनाओं का सम्मान करते है, इसलिए दो जगह से लड़ रहा हूं।
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