Shraddha Murder Case: माता-पिता से आखिरी बातचीत में श्रद्धा ने कहा, भूल जाइए मैं आपकी बेटी हूं, अपने फैसले....
Shraddha Murder Case: देश की राजधानी में जिस तरह से श्रद्धा वॉकर की सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है उसे सुनकर हर कोई सदमे में है। लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि कोई व्यक्ति कैसे इस बर्बरता से किसी की हत्या कर सकता है। श्रद्धा वॉकर की जिस बर्बरता से उसके लिव इन पार्टनर ने हत्या की और उसके शव को कई टुकड़ों में काटकर अलग-अलग जगह पर फेंक दिया, उसे सुनकर हर कोई दंग है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और आफताब के खिलाफ सबूत इकट्ठा कर रही है।

मैं आपकी बेटी नहीं
श्रद्धा वॉकर जिस लड़के के साथ लिव इन रिलेशनशिप में थी उसका नाम आफताब पूनावाला था। श्रद्धा के परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। श्रद्धा की अपने माता-पिता से जब आखिरी बार बात हुई थी तो उन्होंने कहा था कि मैं 25 साल की हूं और मुझे पूरा अधिकार है कि मैं अपने लिए फैसले ले सकूं। मैं आफताब पूनावाला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहती हूं। लिहाजा आप आज से यह सोच सकते हैं कि मैं आपकी बेटी नहीं हूं, मैं अपना खयाल रख सकती हूं।

2019 में छोड़ दिया था घर
श्रद्धा के परिवार वालों का कहना है कि वह 2019 में मुंबई से घर छोड़कर चली गई थी। श्रद्धा के पिता ने पुलिस को अपनी शिकायत में यह जानकारी दी है और एफआईआर में इसका जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार श्रद्धा की 18 मई को हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि श्रद्धा के ब्वॉयफ्रैंड आफताब ने उसकी हत्या के बाद शव के 30 टुकड़े किए और उसे तीम महीने तक अलग-अलग जगहों पर फेंकता रहा।

मैं अपना खयाल रखत सकती हूं
श्रद्धा के परिवार वाले उसके इस रिश्ते से खुश नहीं थे और उन्होंने श्रद्धा को समझाया था कि वह इस रिश्ते में ना रहे, लेकिन इस बात से नाराज श्रद्धा अपने परिवार से बातचीत खत्म कर ली। वह मुंबई छोड़ दिल्ली आ गई थीं। श्रद्धा के पिता का कहना है कि मैंने बेटी को समझाया था और उसे चेताया था, लेकिन श्रद्धा ने कहा मैं अपना खयाल रख सकती हूं। जहां पर आफताब रहता था वहां उसके पड़ोसियों का कहना था कि आफताब का बर्ताव काफी अलग था, वह बहुत कम बोलता था। यहां जब एक पड़ोसी उससे कुछ मदद मांगने के लिए आया था तो आफताब ने उससे कहा था कि मेरे बास दोबारा मत आइएगा। पड़ोसियों का कहना है कि अक्सर लड़ाई-झगड़े की आवाज आया करती थी।

पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत
श्रद्धा जबसे आफताब के संपर्क में आई और उसके साथ रिलेशनशिप में आई, उसके परिवार वालों से उसका रिश्ता खराब हो गया था। इस पूरे मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धा अपने परिवार के संपर्क में नहीं थी। उसके पिता को उस वक्त चिंता हुई जब कई महीनों तक वह उससे संपर्क नहीं कर सके। जब श्रद्धा के दोस्तों ने भी यही कहा कि वह संपर्क में नहीं है तो पिता की चिंता और बढ़ गई। इसके बाद श्रद्धा के पिता ने पुलिस से इसकी शिकायत अक्टूबर माह में की। उन्होंने पुलिस से श्रद्धा के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी।

माता-पिता की नहीं मानी
एफआईआर में कहा गया कि मेरी बेटी ने 2019 में मेरी पत्नी से कहा था कि वह आफताब पूनावाला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहती है, मैंने और मेरी पत्नी ने उसे ऐसा नहीं करने के लिए समझाया, क्योंकि मैं हिंदू हूं और लड़का मुसलमान था। हम अलग धर्म और जाति में शादी नहीं करते। पुलिस के अनुसार बाद में श्रद्धा ने माता-पिता को अलग-अलग फोन किया और बताया कि आफताब हिंसक है, उस वक्त श्रद्धा के माता-पिता ने उसे आफताब को छोड़ने के लिए कहा, लेकिन श्रद्धा ने आफताब को नहीं छोड़ा।

शव के टुकड़ों को जंगल में फेंका
पुलिस के मुताबिक 18 मई को आफताब ने श्रद्धा की हत्या की और उसके बाद उसके शव के कई टुकड़े करके उसे मेहरौली और छतरपुर के इलाके में स्थित जंगल में फेंक दिया। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इतने लंबे समय के बाद इस मामले में आफताब के खिलाफ सबूत इकट्ठे करने की है। रिपोर्ट के अनुसार आफताब अपना खाना और श्रद्धा के शव के टुकड़ों को इसमे रखता था। पुलिस का कहना है कि आफताब शव के टुकड़ों को फ्रिज में रखता था ताकि उसके शव के टुकड़ों से कोई बदबू ना आए।

शव को ठिकाने कैसे लगाया जाए, गूगल पर करता था सर्च
पुलिस का कहना है कि आफताब की गूगल सर्च हिस्ट्री से पता चला है कि वह यह सर्च कर रहा था कि कैसे खान के धब्बों को साफ किया जाए, कैसे शव से छुटकारा पाया जाए। इसके बाद उसने एक फ्रिज खरीदा। उसने पास की ही दुकान से दो दिन के भीतर 19000 रुपए का फ्रिज खरीदा। साथ ही उसने अगरबत्ती, एसिड, कीटनाशक, मास्क और अन्य चीजें खरीदी और घर को साफ किया। पूछताछ में आफताब ने बताया कि घटना के दिन श्रद्धा ने उसे किसी दूसरी लड़की को मैसेज करते देख लिया था, जिसके बाद हमारी लड़ाई हुई थी।












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