VIDEO: CNT और SPT एक्ट को लेकर झारखंड विधानसभा में हंगामा, स्पीकर पर फेंका गया जूता
झारखंड विधानसभा में पहली बार इस तरह का हंगामा हुआ है। स्पीकर पर जूता उछालने वाले विधायक का नाम पौलुस सुरीन है। वहीं जेएमएम के ही विधायक इरफान अंसारी ने मार्शल से भी हाथापाई की।
रांची। सीएनटी (छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट) और एसपीटी (संथाल परगना टेनेंसी) एक्ट में संसोधन के मुद्दे को लेकर बुधवार को झारखंड विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायकों ने स्पीकर के सामने कुर्सियां और माइक तोड़ दिए। इतना ही नहीं स्पीकर दिनेश उरांव पर भी कुर्सी और जूते फेंके गए और स्पीकर के सामने रखीं संशोधन की कॉपी फाड़ दी गईं। हालांकि हंगामे के बाद भी संसोधन विधेयक पास हो गया।

जानकारी के मुताबिक झारखंड विधानसभा में पहली बार इस तरह का हंगामा हुआ है। स्पीकर पर जूता उछालने वाले विधायक का नाम पौलुस सुरीन है। वहीं जेएमएम के ही विधायक इरफान अंसारी ने मार्शल से भी हाथापाई की। विपक्षी दलों ने कहा है कि वो शहर में भी रैली निकालेंगे।
सीएनटी और एसपीटी एक्ट आदिवासियों की भूमि के लिए बनाया हुआ एक कानून है। तीन मई को सीएनटी और एसपीटी में संशोधन का प्रस्ताव झारखंड कैबिनेट की बैठक में पास किया गया था। इन दोनों प्रावधानों में संशोधन के तहत जमीन मालिक को अपनी भूमि में परिवर्तन का अधिकार मिलेगा। कृषि के अलावा अपनी जमीन का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए भी कर सकेंगे। इससे उनको कारोबारी रेंट भी मिलेगा।
अब तक आदिवासी अपनी भूमि किसी और को नहीं बेच सकते। वे बस एक थाना क्षेत्र में ही किसी आदिवासी से जमीन की खरीद ब्रिक्री कर सकते हैं। संशोधन के तहत सिर्फ थाने की बंदिश खत्म हो जाएगी। जमीन मालिक का मालिकाना हक उसकी जमीन पर बना रहेगा। राजस्व सचिव केके सोन के अनुसार पहले यह प्रावधान था कि अनुसूचित जनजाति के भूमि का उपयोग खान और उद्योग के लिए किया जाता था।












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