विपक्ष की ताकत आजमाने के लिए नहीं हुए भारत बंद में शामिल: शिवसेना
शिवसेना ने बताया, क्यों विपक्ष के भारत बंद में शामिल नहीं हुई पार्टी
नई दिल्ली। शिवसेना ने कहा है कि वो अपनी गैरहाजिरी में विपक्ष की ताकत को देखना चाहते थे इसलिए विपक्ष की और से बुलाए गए भारत बंद में शामिल नहीं हुई। पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों को लेकर सोमवार को कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने बंद का ऐलान किया है। तेल के दामों को लेकर शिवसेना लगातार भाजपा पर हमलावर रही है लेकिन सोमवार को उसने बंद से दूरी बनाई। इसकी वजह शिवसेना के मुखपत्र सामना में बताई गई है।

शिवसेना का कहना है कि हम लंबे समय से विपक्षी दलों का बोझ ढो रहे हैं, अब हम देखना चाहते हैं कि विपक्षी दल हकीकत में कहां खड़े हैं। अखबार कहता है कि भाजपा की नीतियों को देश के लोग करीब से देख रहे हैं। जनता देख रही है कि कैसे मंहगाई बढ़ रही है और पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा हो रहा है।
बता दें कि भाजपा के साथ सरकार में सहयोगी शिवसेना तेल की कीमतों को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। शिवसेना ने भारत बंद के एक दिन पहले तमाम जगहों पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ पोस्टर लगाए थे लेकिन पार्टी ने बंद से दूर रहने का फैसला किया।
कांग्रेस के भारत बंद को एनसीपी, डीएमके, समाजवादी पार्टी, जनता दल (सेक्युलर), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, लोकतांत्रिक जनता दल, राजद, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, बीएसपी, सीपीआई, सीपीएम, पीडब्लूपी, शेतकरी कामगार पार्टी, आरपीआई (जोगेंद्र कवाडे गुट) और राजू शेट्टी की स्वाभिमानी शेतकरी पार्टी ने समर्थन दिया है। कांग्रेस का दावा है कि कई चैंबर ऑफ कॉमर्स और मजदूर संगठनों का भी उसे साथ मिला है। वहीं तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल, शिवसेना ने बंद से दूर रहने का फैसला किया।












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