ज्ञानवापी पर शिवसेना ने कसा तंज- कहा भगवान शिव तो कैलाश पर हैं और वहां चीन ने कब्जा कर लिया
मुंबई, 20 मई: वाराणसी के ज्ञानवापी मज्जिद- मंदिर का विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने ज्ञानवापी में चल रही कार्रवाइयों को रोकने की मांग की थी। इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है। वहीं शिवसेना ने अपने संपादकीय में इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा है।

अब मज्जिद और मंदिर ही भाजपा का मुख्य का विकास मॉडन बन चुका है
सामना में शिवसेना ने ज्ञानव्यापी मामले को लेकर भाजपा पर राजनीतिकरण और लोकसभा चुनाव 2024 चुनाव की तैयारियों से जोड़ा है। सामना के संपादकीय में लिखा गया मोदी सरकार इन दिनों मस्जिदों में शिवलिंग ढूंढ़ रही है। मोदी सरकार का पूरा फोकस जगह-जगह का नाम बदलने पर भी है। शिवसेना ने आरोप लगाया पहले लाउस्पीकर फिर हनुमान चालीसा और अब मज्जिद और मंदिर ही अब भाजपा का मुख्य एजेंडा और विकास मॉडन बन चुका है।
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लोगों को उकसाते रहने का काम तेजी से चल रहा है
सामना ने अपने संपादकीय में जानें क्या लिखा ?
सामना में लिखा गया ज्ञापवापी का मुद्दा भाजपा ने अपने एजेंडे में शामिल कर लिया है। मंदिर या मस्जिद इसका उत्खनन कोर्ट के सर्वेयर द्वारा किए जाने के बाद मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिलने की बात कही गई। हनुमान चालीसा का मुद्दा देर तक चल नहीं पाया तो कोई नई राम कहानी या कृष्ण कथा रची जाती है। जिसका मूल रामायण-महाभारत से संबंध नहीं होता है। लोगों को उकसाते रहने का काम तेजी से चल रहा है।

कैलाश पर्वत पर भगवान शिव विराजित हैं जहां है चीन का कब्जा
सामना में आगे लिखा गया
भाजपा के नेता कह रहे हैं कि लखनऊ का नाम अब योगी सरकार लक्ष्मणपुरी करने जा रही है। भाजपा का विकास मॉडल ऐसे ही चल रहा है। ताज महल की जमीन के नीचे क्या छिपा है सब खोदकर निकालो, दिल्ली की जामा मस्जिद पर भी बीजेपी के साक्षी महाराज ने दावा ठोंक दिया है। दुनिया कहां जा रही है और हम क्या कर रहे हैं? कैलाश पर्वत समस्त हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। कैलाश पर्वत पर भगवान शिव विराजित हैं उस जगह पर चीन का कब्जा है और भक्त लोग उन्हें ताजमहल के नीचे ढूंढ़ रहे हैं।

ये मुद्दे भी काशी-मथुरा जितना गंभीर हैं
संपादकीय में लिखा गया
चीन गलवान घाटी पर चल रहे सीमा विवाद से निपटने के बजाय इन मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। वहीं संपादकीय में हाल ही में कश्मीर घाटी में हुई कश्मीरी पंडितों की हत्या के संदर्भ में लिखा गया 'अयोध्या झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है' जैसे नारे हिंदुत्ववादियों को सुख देते हैं लेकिन कश्मीर में हिंदू पंडितों का फिर से शुरू हुआ दमन भी काशी-मथुरा जितना गंभीर मुद्दा है। इसके अलावा शिवसेना ने इस संपादकीय के जरिए ये बताया कि इन सभी धार्मिक मुद्दों को उठाकर भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव की जमीन तैयार कर रही है।












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