वेतन और भत्ते पर शिवसेना ने नहीं दिया भाजपा का साथ, कहा-फैसले की जानकारी नहीं
नई दिल्लीः आज बजट सत्र का आखिरी दिन है इस बजत सत्र में ज्यादा काम नहीं हो पाया। सारा सत्र हंगामें की भेंट चढ़ गया। इस पर केंद्रीय मंत्री अनन्त कुमार ने कहा कि सत्तारूढ़ एनडीएके 400 सांसद 23 दिन का कुल 3.66 करोड़ रुपये का वेतन नहीं लेंगे। लेकिन शिवसेना इस पर मोदी सरकार के साथ नहीं है। सरकार पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने गुरुवार को कहा कि एनडीए सांसदों के 23 दिन के वेतन छोड़ने के मुद्दे पर वह भाजपा के साथ नहीं है।

शिवसेना ने कहा - नहीं ली गई हमारी राय
शिवसेना के सांसद अरविन्द सावंत ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने वेतन और भत्ते नहीं लेने के बारे में फैसला करते समय उनकी पार्टी की राय नहीं ली। सासंद ने आगे कहा ,कि इसलिए वो इस फैसले में सरकार के साथ नहीं हैं।

भाजपा पर साधा निशाना
सावंत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'उन्होंने फैसला करने से पहले हमसे राय- मशविरा नहीं किया, उन्हें केवल राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति चुनावों के दौरान एनडीए की याद आती है।' बता दें, शिवसेना के 18 सांसद हैं और वो एनडीए के का दूसरा सबसे बड़ा घटक दल के रूप में गठबंधन में शामिल हैं। वेतन और भत्ते के बारे में शिवसेना सांसद ने आगे कहा कि 'यह वेतन का मुद्दा नहीं है। सांसद के रूप में हमने अपना काम किया। संसद नहीं चलने पर भी हमने अपने लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मंत्रालयों के साथ बैठक की।'

आज खत्म हो जाएगा बजट सत्र
मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए शिवसेना सांसद ने कहा कि 'हमें लगता है कि आगामी कर्नाटक चुनाव के कारण सरकार चाहती ही नहीं है कि संसद चले। संसद में पिछले 22 दिनों में कोई उल्लेखनीय कामकाज नहीं हुआ है। पांच मार्च से प्रारंभ बजट सत्र का दूसरा चरण शुक्रवार तक चलेगा।












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