गो हत्या पर शिवसेना ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- क्या गोवा में माता नहीं हैै गाय?
महाराष्ट्र सरकार में साझेदार शिवसेना के मुख पत्र सामना में भाजपा पर तो निशाना साधा गया है लेकिन योगी की तारीफ की गई है।
मुंबई। शिवसेना ने एक बार फिर अपने सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी पर हमला किया है। इस बार शिवसेना ने भाजपा पर गाय और बीफ के मुद्दे पर हमला किया है। शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखा गया है यह हमारी श्रद्धा है लेकिन देश के बहुत बड़े वर्ग का अन्न गोमांस ही है।

बड़ा समाज खाता है बीफ
गोवा में भाजपा की सरकार है लेकिन वहां काफी समाज बीफ खाता है। गो हत्या करने वालों को उल्टा लटकार कर फांसी देंगे ऐसी भूमिका गोवा के मुख्यमंत्री पर्रिकर ले सकते हैं क्या? केरल में भी उपचुाव के दौरान भाजपा के उम्मीदवार ने तो 'भाजपा तो वोट दिया तो बीफ की बड़ी मात्रा में आपूर्ति निर्वाचन क्षेत्र रहे, इस बारे में फिक्र करेंगे।'

अन्य राज्यों में गोमाता ठहराई गई गाय
गोहत्या नहीं किसान आत्महत्या चलती है शीर्षक से लिखे गए संपादकीय में लिखा गया है कि अरुणाचल प्रदेश में भी भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है वहां भी जनता मुख्य रूप से बीफ खाती है। सामना के संपादकीय में लिखा गया है मणिपुर में भी भाजपा का राज है। लिखा गया है कि अन्य राज्यों में गोमाता ठहराई गई गायों का पूर्वोत्तर राज्यों में रोज सैकड़ों की संख्या में बलि चढ़ाई जा रही है। वहां भाजपा का शासन है लेकिन क्या कोई गोवंश की हत्या के बारे में निर्णय लेने की हिम्मत दिखाएगा?

असमान नीति नहीं है ही
संपादकीय में लिखा गया है कि यदि गोवंश हत्या प्रतिबंध जैसी संवेदनशील विषय के बारे में ऐसी असमान नीति होगी तो कल को समान नागरिक कानून कैसे लागू होगा? ऐसा सवाल जनता के मन में पैदो हो सकता है। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में किसानों की हालत बहुत ही खराब हो गई है। यहां वो अपना पेट भरें कि पशुधन को संभालें। आखिर ठांठ का गोवंश का क्या करें? इसका भी व्यवहारिक जवाब मिलना चाहिए।

अगर रोकना है गोहत्या तो...
सरकार को सलाह देते हुए संपादकीय में लिखा गया है कि अगर गोवंश हत्या रोकनी है तो ठांठ पशुधन सरकार खरीदे और उनके लिए चारा छावनियों का इंतजाम करे। गोवंश की हत्या रोकनी है तो किसानों को जिंदा रखना होगा, उसे आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होगा। (तस्वीर में इलाहाबाद में सील किया गया अवैध बूचड़खाना)

योगी की तारीफ
यह बात दीगर है कि 19 मार्च को सरकार बनने के बाद से ही उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों पर उत्तर प्रदेश में खासी कार्रवाई की गई। इलाहाबाद,वाराणसी, मेरठ सरीखे तमाम शहरों में अवैध बूचड़खाने बंद किए गए। यूपी के मुख्यमंत्री योगी के फैसले पर सामना में लिखा गया है कि योगी राज आते ही अवैध कत्लखाने बंद हो गए और वो योग्य ही है।












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