अपने पीछे अथाह संपत्ति छोड़ गए झारखंड के पूर्व CM शिबू सोरेन, जानें 'गुरुजी' की विरासत में कितना धन
Shibu Soren Death: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन का सोमवार (04 अगस्त) को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके बेटे और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके निधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "आदरणीय गुरुजी हमें छोड़कर चले गए। आज मैं भीतर से शून्य हो गया हूं।"
जेएमएम नेता शिबू सोरेन ने हाल के वर्षों में सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी। उन्हें जून के अंतिम सप्ताह में किडनी से जुड़ी समस्याओं के कारण दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नकी तबियत नाजुक होने की वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनके निधन के बाद आइए जानते हैं वो अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए हैं?

Shibu Soren Net Worth: शिबू सोरेन अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए हैं?
- शिबू सोरेन करोड़ों की संपत्ति के मालिक थे। चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 7 करोड़ 25 लाख रुपये से ज्यादा की बताई थी। उनपर 2 करोड़ रुपये का कर्ज भी था। उनके अलग-अलग बैकों में एक करोड़ रुपये से ज्यादा अमाउंट जमा थे।
- शिबू सोरेन ने लगभग 11 लाख रुपये शेयर और बीमा पॉलिसी में निवेश किए थे। उनके कार की कीमत 25 लाख रुपये है।
- शिबू सोरेन द्वारा दाखिल किए गए आयकर रिटर्न (ITR) के मुताबिक, उनकी सालाना आय में साल दर साल धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई थी। साल 2014-15 में उनकी कुल आमदनी लगभग 6.52 लाख रुपये थी। 2015-16 में भी उनकी आय करीब 6.52 लाख रुपये ही रही। इसके बाद 2016-17 में यह बढ़कर 6.76 लाख रुपये और 2017-18 में लगभग 7.05 लाख रुपये हो गई।
- रही बात संपत्ति की तो शिबू सोरेन के पास झारखंड में कोई निजी प्रॉपर्टी नहीं थी। हालांकि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में उनके नाम दो गैर-कृषि भूमि दर्ज हैं, जिनमें से हर एक की कीमत 44 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा, दिल्ली के पॉश इलाके साउथ एक्सटेंशन में भी उनके नाम एक फ्लैट है जिसकी कीमत 66.55 लाख रुपये बताई गई थी।
- वहीं उनके बेटे और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की संपत्ति की बात करें तो उनकी कुल संपत्ति 8 करोड़ 51 लाख रुपये है। हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी के अलग-अलग बैंक अकाउंट में 51 लाख रुपये जमा हैं।
झारखंड की आत्मा थे 'गुरुजी' शिबू सोरेन, पढ़ें उनके बारे में?
🔹 शिबू सोरेन...एक ऐसा नाम जो झारखंड की मिट्टी से जुड़ा हुआ है, एक ऐसा चेहरा जिसने सिर्फ राजनीति नहीं की, बल्कि आंदोलन को नेतृत्व देकर इतिहास रच दिया। झारखंड के 'गुरुजी' के नाम से मशहूर शिबू सोरेन ने अपनी पूरी जिंदगी आदिवासी समुदाय के अधिकारों और झारखंड को एक अलग पहचान दिलाने के लिए समर्पित कर दी।
🔹 11 जनवरी 1944 को आज के झारखंड राज्य के रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में जन्मे शिबू सोरेन ने बचपन से ही शोषण और जमींदारी व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह करना शुरू कर दिया था। आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ उनकी आवाज सबसे पहले गूंजी।
🔹 शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने, मगर हर कार्यकाल राजनीतिक उठा-पटक से भरा रहा। 2005 में उनकी पहली सरकार सिर्फ 9 दिनों तक चली, फिर 2008 और 2009-2010 के बीच उन्होंने दो बार और मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली।
🔹 शिबू सोरेन का सफर सिर्फ उपलब्धियों से नहीं भरा था। उन पर हत्या जैसे गंभीर आरोप भी लगे। उनके पूर्व निजी सचिव शशिनाथ झा की हत्या के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था, लेकिन बाद में वे अदालत से बरी हो गए। इसके बावजूद जनता के दिलों में 'गुरुजी' की छवि एक जननायक की बनी रही।
🔹 शिबू सोरेन केवल एक राजनेता नहीं थे। वे आदिवासी समाज के लिए उम्मीद की किरण थे। उनके संघर्ष, त्याग और नेतृत्व ने झारखंड को एक राज्य ही नहीं, एक पहचान दी।












Click it and Unblock the Notifications