शेख हसीना की बुरे वक्त की सहेली थीं सुव्रा मुखर्जी
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पत्नी सुव्रा मुखर्जी बुरे दिनों में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की सबसे खास सहेली थीं। शुभ्रा जी का आज निधन हो गया। जानकार कह रहे हैं कि शेख हसीना भले ही खुद ना आएं अपनी सहेली की अंत्येष्टि में, पर वे अपने किसी खास दूत को भेज सकती हैं।

निर्वासित जीवन का दौर
कहते हैं, जिन दिनों दिल्ली में निर्वासित जीवन व्यतीत कर रही थी शेख हसीना उस दौर में सुव्रा जी उनके साथ वक्त बिताती थीं। शेख हसीना 1975 से लेकर 1981 के बीच नई दिल्ली में अपने परिवार के पंडारा पार्क में रहती थीं। तब शेख हसीना और सुव्रा जी के बीच बैठकों के दौर चलते थे।
रहते थे दिल्ली में
दरअसल तब हसीना के साथ उनके पति और दोनों बच्चे भी रहते थे। हसीना अपने पिता और बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीब-उर-रहमान की 1975 में हत्या के बाद भारत आ गई थी।
जानकार बताते हैं कि शुभ्रा जी से शेख हसीना खासतौर पर अपनी 2008 की भारत यात्रा के दौरान मिली भी थीं। तब दोनों सहेलियों के बीच काफी देर तक बातें हुईं। शेख हसीना अपनी सहेली के लिए कई गिफ्ट लेकर भी आई थीं।
दुर्गा पूजा में एक्टिव
सुव्रा मुखर्जी नई दिल्ली दुर्गा पूजा कमेटी से भी जुड़ी थीं। उनकी साहित्य और संगीत में गहरी दिलचस्पी थी। वह सदा ही मीडिया की नजरों से दूर ही रहीं।












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