शीना बोरा हत्या कांड: 7 साल बाद पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया ने अपनी किताब में किए कई बड़े खुलासे
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के चर्चित शीना बोरा हत्या कांड के करीब 7 साल बाद मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया ने चुप्पी तोड़ी और कई अहम खुलासे किए हैं। बता दें कि राकेश मारिया पर भी आरोप थे कि जांच के दौरान उन्होंने शीना की हत्या के आरोपी पीटर मुखर्जी को बचाने की कोशिश की थी। इतने साल बीत जाने के बाद अब राकेश मारिया ने अपनी एक किताब में केस और अपने तबादले का जिक्र किया है।

बता दें कि साल 2012 में शीना की हत्या केस ने पूरे देश में तहल्का मचा दिया था, यह केस तब ज्यादा चर्चा में आया जब 2015 में मुंबई पुलिस ने हत्या के आरोप में पीटर की पूर्व पत्नी इंद्राणी मुखर्जी को गिरफ्तार किया और जेल में डाल दिया। उस समय राकेश मारिया मुंबई पुलिस के कमिश्नर थे। इस मामले में राकेश मारिया की निगरानी में जांच की जा रही थी और इंद्राणी के बाद पीटर मुखर्जी से भी लंबी पूछताछ की गई थी। जांच के बीच में ही पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया को प्रमोशन देकर उनका तबादला होमगार्ड के महानिदेशक के तौर कहीं और कर दिया था।
अपनी किताब में किया खुलासा
तबादले के बीच राकेश मारिया को भी कई आरोपों का सामना करना पड़ा था जिसका उन्होंने अपनी किताब 'लेट मी से इट नाउ' मे किया है। अपनी किताब में उन्होंने इस आरोप को खारिज किया है कि उन्होंने जांच के दौरान उस समय के सीएम देवेंद्र फडणवीस को पीटर मुखर्जी के बार में गुमराह किया था। बता दें कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सीएम फडणवीस के हवाले के यह कहा गया था कि उन्हें बताया गया था कि शीना बोरा हत्याकांड में पीटर मुखर्जी शामिल नहीं थे। किताब में राकेश मारिया ने इस बात पर भी सफाई देते हुए लिखा है कि शीना बोरा हत्याकांड पर सीएम से उनकी मुलाकात सिर्फ एक बार हुई थी और उस दौरान उन्हें बताया गया था कि अपराध के समय पीटर भारत में मौजूद नहीं था, लेकिन हत्या में उसके शामिल होने की जांच की जा रही थी।
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