बदले शत्रुघ्न सिन्हा के सुर, इस मुद्दे पर की पीएम मोदी की तारीफ
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी में रहते हुए पीएम नरेंद्र मोदी पर अपने हमलावर रुख के चलते सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने संसद में तीन तलाक बिल पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। शत्रुघ्न सिन्हा ने लगातार दो ट्वीट करते हुए कहा है कि पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के सराहनीय प्रयास से यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। आपको बता दें कि इससे पहले शत्रुघ्न सिन्हा जब भाजपा में थे, तो कई मुद्दों पर उन्होंने पीएम मोदी को घेरा था।

महिलाओं के लिए एक बड़ी जीत
तीन तलाक बिल राज्यसभा में पास होने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट करते हुए कहा, 'आखिरकार, बड़ी बधाई, ट्रिपल तालाक बिल अब एक वास्तविकता है जो हमारी मुस्लिम महिलाओं को काफी राहत पहुंचाएगा। एक सुपर मील का पत्थर और एक बड़ा मोड़, क्योंकि इस बिल में महिलाओं को न्याय, सम्मान और इज्जत दी गई है, जिसकी वो वास्तव में हकदार हैं। महिलाओं के लिए एक बड़ी जीत।' दूसरे ट्वीट में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, 'सशक्तिकरण और लैंगिक समानता। हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हमारे मित्र और विद्वान मंत्री रविशंकर प्रसाद व उनकी टीम द्वारा इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने का सराहनीय प्रयास। यह सभी महिलाओं और विशेष रूप से हमारी मुस्लिम बहनों के लिए जीवन की गरिमा सुनिश्चित करेगा। जय हिंद।'

बिल को राष्ट्रपति ने भी दी मंजूरी
आपको बता दें कि लोकसभा के बाद बीते मंगलवार को तीन तलाक बिल राज्यसभा से भी पास हो गया। राज्यसभा में इस बिल पर वोटिंग के दौरान पक्ष में 99 वोट पड़े जबकि 84 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। बीएसपी, पीडीपी, टीआरएस, जेडीयू, एआईएडीएमके और टीडीपी जैसे कई दलों के वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने की वजह से सरकार को ये बिल पास कराने में आसानी हुई। इससे पहले 25 जुलाई को यह बिल लोकसभा में ध्वनिमत से पारित किया गया था। विधेयक के पक्ष में 302 वोट पड़े थे, जबकि 82 वोट इसके विरोध में पड़े थे।

बिना वारंट हो सकती है गिरफ्तारी
इस बिल में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाते हुए 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान शामिल है। बिल में तीन तलाक को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा गया है है। यानी पुलिस बिना वारंट आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है। आरोपी को मजिस्ट्रेट जमानत दे सकता है। जमानत तभी दी जाएगी, जब पीड़ित महिला का पक्ष सुना जाएगा। पीड़ित महिला के अनुरोध पर मजिस्ट्रेट समझौते की अनुमति दे सकता है। साथ ही पीड़ित महिला पति से गुजारा भत्ते का दावा कर सकती है। इससे पहले 16वीं लोकसभा के दौरान भी मोदी सरकार ट्रिपल तलाक बिल लेकर आई थी लेकिन उस समय राज्यसभा में ये बिल पास नहीं हो सका था।












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