शशि थरूर ने विदेश मंत्री से की अपील, थोड़ा 'Cool' हो जाइए
विदेश मंत्री एस जयशंकर को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सलाह दी है कि आप थोड़ा कूल हो जाइए, हर मसले पर टिप्पणी करने से बचिए।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से सोमवार को अपील की है कि वह थोड़ा कूल रहने की कोशिश करें। दरअसल एस जयशंकर लगातार पश्चिमी देशों को आड़े हाथ ले रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जिस तरह से भारत ने रूस के साथ तेल खरीदने का फैसला लिया, उसके बाद कई देश भारत के इस फैसले पर सवाल खड़े कर रहे थे, लेकिन इन लोगों को एस जयशंकर ने अपने जवाब से शांत कर दिया। हाल ही में एक बार फिर से विदेश मंत्री ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पश्चिम की बुरी आदत है कि वह दूसरे देशों के मामले में टिप्पणी करता है। एस जयशंकर के इस बयान पर शशि थरूर ने एस जयशंकर से मुलाकात के दौरान हल्के अंदाज में थोड़ा कूल रहने की सलाह दी है।
शशि थरूर ने कहा कि मैं एस जयशंकर को काफी लंबे समय से जानता हूं, उन्हें मैं अपना दोस्त मानता हूं, लेकिन इस मुद्दे पर मुझे लगता है कि बहुत ज्यादा कठोर होने की जरूरत नहीं है, हालांकि यह जरूरी है कि सरकार के स्तर पर इसको लेकर कुछ कदम उठाने की जरूरत है। लेकिन अगर हम हर मुद्दे पर टिप्पणी करेंगे, प्रतिक्रिया देंगे तो इससे हमारा खुद का नुकसान होगा। मैं अपने दोस्त जय से थोड़ा शांत होने की अपील करूंगा।
बता दें कि रविवार को बेंगलुरू में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पश्चिम सोचता है कि उनके पास ईश्वर की ओर से दिया गया यह अधिकार है कि वह दूसरे देशों के आंतरिक मुद्दों पर टिप्पणी कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान एस जयशंकर से पूछा गया कि जर्मनी और अमेरिका ने राहुल गांधी के अयोग्य होने के मामले पर टिप्पणी की है। इसी पर जवाब देते हुए एस जयशंकर ने यह बयान दिया था।
एस जयशंकर ने कहा कि मैं आपको इसका सच जवाब दूंगा, इसकी दो बड़ी वजह है। पश्चिम की यह बुरी आदत है कि वह दूसरों के मुद्दों पर टिप्पणी करते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि यह उनका ईश्वर की ओर से दिया गया अधिकार है। इन लोगों को अनुभव से सीखने की जरूरत है कि अगर वह ऐसा करते रहते हैं, बाकी के लोग भी ऐसा करना शुरू कर सकते हैं, जब ऐसा होगा तो इन लोगों को यह अच्छा नहीं लगेगा। मुझे लग रहा है कि अब ऐसा हो रहा ह।
यही नहीं विदेश मंत्री ने कहा कि इसकी दूसरी बड़ी वजह यह है कि हम इन लोगों को इस तरह की टिप्पणी करने के लिए न्योता दे रहे हैं। हमे इन लोगों को इस तरह की टिप्पणी करने की अनुमति नहीं देना चाहिए, इन लोगों को न्योता नहीं देना चाहिए यह कहकर कि भारत में दिक्कत है। इन लोगों से हमे यह नहीं कहना चाहिए आप आखिर क्यों कुछ कर नहीं रहे हैं। अगर कोई यहां से जाता है और पूछता है कि आप कुछ करते क्यों नहीं हैं तो निसंदेह वो इसपर टिप्पणी करेंगे। समस्या की एक वजह हम है और दूसरी वजह वो। मुझे लगता है कि दोनों को यह ठीक करने की जरूरत है।












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