Shark Tank के 'जुगाड़ू कमलेश' ने बनाई धांसू मशीन, आएगी किसानों के इस जरूरी काम में
महाराष्ट्र के रहने वाले जुगाड़ू कमलेश ने किसानों की मदद के लिए खेत में छिड़काव करने वाली सस्ती मशीन बनाई थी।

सोनी टीवी पर आने वाले शार्क टैंक शो ने कई लोगों की लाइफ बदल दी है। इस शो ने इंडिया को टेलेंटेड लोगों से रूबरू कराया। सीजन-1 में आने वाला जुगाड़ू कमलेश हर किसी को याद ही होगा। कमलेश ने छोटे किसानों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ जुगाड़ किए थे, जिसने सभी को इंप्रेस कर दिया था। जिसके बाद लेंसकार्ट के फाउंडर पीयूष बंसल ने उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया था।

पीयूष बंसल ने की कमलेश की मदद
महाराष्ट्र के रहने वाले जुगाड़ू कमलेश ने किसानों की मदद के लिए खेत में छिड़काव करने वाली सस्ती मशीन बनाई थी। जिसके गरीब किसान भी अफॉर्ड कर सकते हैं। उसके इस प्रोडक्ट में पीयूष बंसल ने हिस्सेदारी लेकर मदद करने का फैसला लिया था। जिसके बाद जुगाड़ू कमलेश आज अपने दोस्त नरू के साथ इस डिजाइन को और बेहतर बनाने का काम शुरू किया था। अब कमलेश के प्रोडेक्ट का फाइनल डिजाइन आ चुका है।

ऐसा दिखता है फाइनल प्रोडेक्ट
पीयूष बंसल ने अपने इंस्टाग्राम पर कमलेश के प्रोडेक्ट का एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें कमलेश ने उसमें क्या सुधार किए और वह कैसे किसाने के लिए और मददगार साबित होगा। कीटनाशक का छिड़काव करने वाली इस मशीन का नाम ‘भारत के 2'दिया गया है। कमलेश के प्रोडक्ट का फाइनल डिजाइन शेयर करते हुए बंसल ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, 'हर कोई हम जैसा प्रिविलेज्ड नहीं होता लेकिन उनमें काबिलियत होती है... और कभी-कभी उन्हें सिर्फ़ अपने सपनों के तरफ ले जाने के लिए हल्का सा धक्का देना पड़ता है।

कई सुविधाओं से लैस है ये मशीन
वीडियो में कमलेश ने बताया कि पहले वाला वर्ज़न थोड़ा भारी था। उन्हें कई मैसेज भी आए और उन्हीं को ध्यान में रखकर उन्होंने प्रोडक्ट का डिज़ाइन बनाया। कमलेश ने बताया कि ये मशीन उतनी जगह घेरेगी जितनी जगह इंसान चलने के लिए चाहिए होती है। इस प्रोडक्ट की खासियत ये है कि ये हर तरह के फसल के लिए कारगर साबित होगा।चाहे वो गन्ने की खेती हो या कपास और मूंगफली की। इसे फसल के हिसाब से सेट किया जा सकता है।
इतनी कीमत है इस धांसू मशीन की
कमलेश ने ये भी बताया कि मशीन में लगे टायर्स से फसल को किसी भी तरहा का नुकसान नहीं होगा। इसके साथ ही इसके स्टेयरिंग और स्प्रे मोटर में काफी सुधार किया गया है। कमलेश ने बताया कि वो किसानों को 2000 मशीनें बेचेंगे और उनका फीडबैक लेंगे। एक मशीन की कीमत अभी 25000 रुपए है, लेकिन कमलेश का दावा है कि वह इसकी कीमत कम करके 15 हजार तक ले आएंगे। कमलेश महाराष्ट्र के ज़िला मालेगांव स्थित तारपाडा गांव के रहने वाले हैं। कमलेश का इस मशीन से पहले साल 5 करोड़ रुपए कमाने का टारगेट है।












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