मेरी ईमानदारी टेस्टेड है, मुझे नोटबंदी फैसले की जांच में शामिल किया जाए- शरद यादव
शरद यादव ने सरकार के फैसले की गोपनीयता पर उठाए सवाल, बोलें मामले की जांच कराई जाए और मुझे उसमें लिया जाए, मेरी इमानदारी टेस्टेड है
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में नोटबंदी पर जदयू नेता शरद यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के किसान और मजदूर का भविष्य चौपट होने वाला है। अगर जल्द से जल्द राहत नहीं दी गई तो हालात काफी खराब हो जाएगी।

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जेटली जी मेरे दोस्त हैं
शरद यादव ने कहा कि अरुण जेटली तो मेरे मित्र थे उन्हें मुझे तो बता देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह ऐसा फैसला है जिसे किसी को भरोसे में लिए बिना लिया गया है।
मजदूर का भविष्य चौपट हो रहा
हिंदुस्तान के किसान और मजदूर का कल भविष्य चौपट होने वाला है। अगर देर से खेत में बीच डाला गया तो किसान मारा जाएगा। हिंदुस्तान के किसान की हालत ऐसी खराब हो गई है कि उसे बीच और खाद नहीं मिल रहा है।
1000 का नोट बंद कर मोदी ने वाजपेयी सरकार के फैसले पर की चोट
दो हजार रुपए के नए नोट जारी करने और पुराने नोट के बंद किए जाने के फैसले पर शरद यादव ने कहा कि इसकी गोपनीयता लीक हुई है, जिस तरह से तमाम नेताओं ने इस बाबत अपनी बात कही है उसकी जांच होनी चाहिए।
मेरी इमानदारी टेस्टेड है
शरद यादव ने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए, जांच में हम जैसे किसी को रखिए, हम फकीर आदमी हैं, हम अपना खेत बेच देते और चुनाव लड़ते। उन्होंने कहा कि मेरा इमान टेस्टेड है आप मुझे इस जांच में रखिए। मैंने तो हवाला में कबूल किया था, जेटली की दया से ही मैं आज बचा हूं।
जज से मत कराइए लीक की जांच
यादव ने कहा कि इस मामले का निपटारा किसी जज से ना कराइए, ज्युडिशियल जांच में गड़बड़ हो सकती है। जेपीसी बनवाईए उसमें सच्ची बात निकल आएगी। जेपीसी में आपका बहुमत होगा लेकिन इसमें सच लोगों के सामने निकल आएगा।
शरद यादव ने जेटली पर चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे लगता है कि आप उस खुसर फुसर में नहीं थे, इसीलिए आपको भी इस फैसले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि देश में डेढ़ करोड़ शादियां हैं, लोग पत्रा निकालने वाले पंडित को ढूंढ़ रहे हैं कि ये कैसा पत्रा निकाला है।
सरकार तत्काल निकाले समाधान
हिंदुस्तान में इतना जेबकतरी हो रही है इसका अंदाजा नहीं लगा सकते हैं। लोग लाइन में लगने को मजबूर है और तमाम मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए सरकार तो तत्काल समाधान निकालना चाहिए।
ये लाइन कम नहीं होगी यह बढ़ती जाएगी, इसके लिए तत्काल बैठकर रास्ता निकालिए। तत्काल इस मामले में बैठकर रास्ता निकालिए। लोग बदहवास हैं, लोगों को राहत देने का काम करिए। उन्होंने कहा कि एनपीए की वजह से बैंक डूबने वाले थे, इस फैसले से बैंको को कितना फायदा मिलेगा यह बाद में पता चलेगा।












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