Global Nursing Award की लिस्ट में भारत की दो बेटियां, जानिए क्यों मिलेंगे दो करोड़
दुनिया भर में नर्सिंग स्टाफ को सम्मानित करने वाले 10 फाइनलिस्ट में दो भारतीय नर्स भी शामिल की गई हैं। दोनों को उनके कामों को लेकर सम्मानित किया जाएगा।

दुनिया भर में नर्सिंग स्टाफ को सम्मानित करने वाले वैश्विक पुरस्कार ग्लोबल नर्सिंग अवॉर्ड के 10 फाइनलिस्ट में इस बार दो भारतीय नर्स भी शामिल की गई हैं। इसके लिए अवॉर्ड राशि के रुप में 250000 यूएसडी (दो करोड़ रुपए) दिए जाएंगे। जिसके लिए एक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की शांति टेरेसा लाकरा और आयरलैंड से केरल में जन्मी जिंसी जेरी को चुना गया है।
आइए जानते हैं क्यों चुना गया इन्हें...
कौन है शांति टेरेसा लाकरा?
शांति टेरेसा लाकरा पोर्ट ब्लेयर में जीबी पंत अस्पताल में काम करती हैं। साल 2011 से अंडमान और निकोबार के आदिवासी समुदाय के साथ विश्वसनीयता से काम करती आ रही हैं। समुदाय की स्वास्थ्य संबंधी सभी जरूरतों को समझते हुए उनके साथ काम किया। इन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।
लाकरा कहती हैं कि मेरी पूरी दुनिया अंडमान और निकोबार के एक बहुत ही आंतरिक और अलग-थलग हिस्से में रहने वाले जनजातियों-लोकों की है। जब 2004 की सूनामी ने ओंगी जनजाति के द्वीप पर हमला किया और उन्हें घने जंगल में धकेल दिया, तो लाकरा ने भी उन जनजातियों संग अपना घर बना लिया। लाकरा एक खुले तंबू में रहने लगीं। उन्होंने सुनामी की रात एक ओंगी किशोरी को एक किलो से भी कम वजन के बच्चे को जन्म देने में मदद की थी। लाकरा ने बताया कि अगर वह पुरस्कार जीतती हैं, तो वह लुप्तप्राय देशी द्वीपवासियों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए एक एनजीओ बनाने के लिए रुपयों का इस्तेमाल करेंगी।
जिंसी जेरी के बारे में जानें?
वहीं, जिंसी जेरी ग्लोबल नर्सिंग अवॉर्ड के लिए दूसरी भारतीय नर्स चुनी गईं। यह डबलिन के मेटर मिसेरिकोर्डिया यूनिवर्सिटी अस्पताल में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए नर्सिंग के सहायक निदेशक के रुप में काम करती हैं। दिल्ली के जामिया हमदर्द में एक नर्स के रूप में प्रशिक्षण के बाद 2006 में डबलिन चली गईं। उन्हें मार्च 2020 में डबलिन अस्पताल में रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन पेश करने के लिए आइरिश हेल्थकेयर अवॉर्ड भी मिल चुका है।












Click it and Unblock the Notifications