आलोचनाओं से घिरे नरेंद्र मोदी को मिला वाघेला का साथ

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वाघेला के शब्दों को सुनकर कुछ लोगों को थोड़ी देर को लग सकता है कि शायद यह शब्द मोदी के किसी फैन की ओर से कहे गए हैं लेकिन यह शब्द गुजरात में विपक्ष के नेता और कांग्रेस प्रमुख शंकर सिंह वाघेला के हैं। वाघेला आज भी बीजेपी के घोर आलोचक के तौर पर जाने जाते हैं।
वाघेला को इस बात को कहने में जरा भी आपत्ति नहीं है कि किसी को भी मोदी हों या कोई और, उसकी व्यक्तिगत जिंदगी में दखल नहीं देना चाहिए। वाघेला ने यह बातें एक क्षेत्रीय न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहीं।
नरेंद्र मोदी की ओर से पहली बार जशोदाबेन को पहली बार अपनी पत्नी स्वीकारने पर वाघेला ने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से आए एक अहम फैसले के तहत इस पूरे प्रकरण को देखा जाना चाहिए जिसे नामांकन पत्र में ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता लाने के मकसद से दिया गया है।
वाघेला ने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर इस सच से वाकिफ हैं कि नरेंद्र मोदी ने कभी भी वैवाहिक जिंदगी नहीं जी है। उन्होंने यहां तक कह डाला कि नरेंद्र मोदी और जशोदाबेन के बीच कभी तलाक नहीं हुआ और जो कुछ भी नामांकन पत्र में दर्ज है वह एक कानूनी औपचारिकता के तहत किया गया है। वाघेला के मुताबिक जिस तरह से मोदी की व्यक्तिगत जिंदगी पर हमला हो रहा है, उससे वह सहमत नहीं हैं।
नरेंद्र मोदी की ही तरह शंकर सिंह वाघेला ने भी अपना जीवन राष्ट्रीय स्वंय संघ के साथ शुरू किया था और बाद में वह जनसंघ और बीजेपी का हिस्सा बन गए। वाघेला ने वर्ष 1997 में बीजेपी छोड़ कांग्रेस पार्टी का दामन थामा था।
जिस तरह से वाघेला ने मोदी पर जारी हमलों को लेकर अपना बयान दिया है वह कहीं न कहीं कांग्रेस और उन सभी राजनीतिक दलों के लिए एक सीख साबित हो सकता है जो इस तरह के मुद्दों को लेकर एक-दूसरे को बदनाम करने में लगे रहते हैं। वैसे यहां पर यह बात भी गौर करने वाली है कि वाघेला ने पिछले कई दिनों से अपनी पार्टी कांग्रेस पर भी चुप्पी साध रखी है।












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