शाही इमाम की गुगली, भाई ने कहा कांग्रेस मुसलमानों की कातिल

याहया बुखारी ने शनिवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में इस बात को साफ कर दिया कि वो कांग्रेस के साथ नहीं है और साथ ही अपने भाई अहमद बुखारी द्वारा लिए गए निर्णय से भी संतुष्ट नहीं है। मीडिया के माध्यम से सवाल करते हुए उन्होंने इस बात को भी पूछा कि आखिर ऐसे क्या कारण थे कि अहमद बुखारी और सोनिया गांधी की बैठक एक बंद कमरे में आयोजित की गई।
उन्होंने डंके की चोट पर यह भी कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमानों का जितना दमन कांग्रेस ने किया है उतना किसी भी और पार्टी ने नहीं किया है। याहया ने बताया कि वर्ष 2004 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी मुसलमानों से उनके हितों की रक्षा का वादा किया था लेकिन वो उसे पूरा नहीं कर पाए। जिसके बाद हम मुसलमानों ने भाजपा से अपना समर्थन वापस ले लिया था। इसी तरह सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी यूपी समेत पूरे देश के मुसलमानों के साथ धोखा किया है। याहया ने यह भी कहा कि जब अटल जैसे नेता मुसलमानों को धोखा दे सकते हैं तो इस बात की क्या गारंटी है कि सोनिया गांधी धोखा नहीं देंगी?
अपने बड़े भाई शाही इमाम अहमद बुखारी पर आरोप लगाते हुए याहया बुखारी ने कहा कि मुझे इस बात का बड़ा ही दुख है कि अहमद ने कातिलों के हक में अपना फैसला सुनाया है। उन्होंने यह भी बताया कि सोनिया गांधी के साथ हुई प्रेसवार्ता की पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके साथ उन्होंने यह आरोप भी लगाए कि आखिर यह प्रसेवार्ता अन्य नेताओं के साथ बैठकर क्यों नहीं की गई? याहया बुखारी ने कहा कि 'मैं एक हफ्ते के भीतर फिर वापस आउंगा और देश के आम जनों को ये बताउंगा कि आख्रिर अहमद बुखारी व सोनिया गांधी के बीच में क्या रिश्ता है?












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