#BhimaKoregaon: पुणे हिंसा का असर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों पर भी, हड़पसर और फुरसुंगी की बसों में तोड़फोड़, स्कूल-कॉलेज बंद
मुंबई। पुणे जिले में भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर आयोजित एक कार्यक्रम में दो गुटों के बीच हिंसा भड़क गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। भड़की हिंसा का असर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भी देखा जा रहा है, ऐसी खबरें हैं कि नफरत की चिंगारी पड़ोसी जिलों में भी पहुंची हैं, जिसकी वजह से आज मुंबई के अलावा, हड़पसर और फुरसुंगी में बसों पर उग्र लोगों ने जमकर पथराव किया है और सड़क पर खड़ी खाली बसों में तोड़फोड़ की है। हिंसा को देखते हुए आज औरंगाबाद और अहमदनगर के लिए बस सेवा निरस्त कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल-कॉलेज को बंद कर दिया गया है, लोकल रेल सेवाएं भी बाधित हैं जिसके कारण लोग परेशान हो रहे हैं।

इस मामले में सीएम देवेंद्र फडनवीस ने न्यायिक जांच कराने का आश्वासन दिया है, उन्होंने कहा है कि भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर करीब तीन लाख लोग आए थे, हमने पुलिस की 6 कंपनियां तैनात की थी, कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने के लिए हिंसा फैलाई है, इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मृतक के परिवार वालों को 10 लाख के मुआवजा दिया जाएगा। तो वहीं इस मुद्दे पर सियासत भी शुरु हो गई है, इस हिंसा पर शरद पवार ने कहा, लोग वहां 200 साल से जा रहे हैं, ऐसा कभी नहीं हुआ, इस मामले में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, प्रशासन ने सही ढंग से इसकी तैयारी नहीं की थी इसलिए इस तरह की घटना हुई, जो भी हुआ दुखद है, सत्तासीन सरकार को इस मसले पर जवाब देना ही होगा।
आरएसएस ने रची साजिश: कांग्रेस
तो वहीं कांग्रेस ने भी इस घटना के लिए राज्य की सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा है कि ये हिंसा एक साजिश का परिणाम है। मुंबई कांग्रेस के डॉ. राजू वाघमारे ने कहा कि पहले से दलितों पर हमले करने की प्लानिंग थी, आरएसएस के कुछ लोग यहां हिंसा भड़काने के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे थे, जिसमें वो आज सफल हो गए हैं।












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