Polling Data: लोकसभा इलेक्शन के बीच पोलिंग डेटा पर राजनीति तेज, अब कपिल सिब्बल ने EC से पूछा सवाल
Election Commission: देश में जारी लोकसभा चुनाव 2024 के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। अब दो चरणों की वोटिंग बाकी है। इस बीच चुनावी डेटा पर राजनीति तेज हो गई है। जिस पर अब वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने चुनाव आयोग के आंकड़े जारी ना करने पर सवाल उठाए हैं।
कपिल सिब्बल ने गुरुवार को कहा कि चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर मतदान केंद्र-वार मतदान प्रतिशत डेटा नहीं डाला है, जिससे राजनीतिक दलों के बीच संदेह पैदा हो गया है कि इसमें 'कुछ गड़बड़' है। साथ ही सवाल किया कि आखिर डेटा अपलोड करने में समस्या क्या है।

वरिष्ठ वकील ने कहा कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनाना दायर कर बताया कि फॉर्म 17 अपलोड करने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। जिस पर सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि फॉर्म 17 को आयोग अपने वेबसाइट पर क्यों नहीं डालता?
सिब्बल ने पूछा कि मतदान केंद्र-वार मतदान डेटा डालने में क्या समस्या है, जब मतदान के अंत में फॉर्म 17सी में सभी विवरण पोलिंग एजेंट को दे दिए जाते हैं।
कपिल सिब्बल की टिप्पणी चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट को दिए जवाब के एक दिन बाद आई, जिसमें आयोग ने कहा था कि मतदान केंद्र-वार डेटा के खुलासे और इसे अपनी वेबसाइट पर पोस्ट करने से चुनाव मशीनरी में अराजकता पैदा हो जाएगी।
बता दें कि चुनाव आयोग ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया कि फॉर्म 17 सी (प्रत्येक मतदान केंद्र पर डाले गए वोटों का रिकॉर्ड) के आधार पर मतदान डेटा का खुलासा करने से भ्रम पैदा होगा। ईसीआई ने अदालत के समक्ष दायर एक हलफनामे में तर्क दिया कि ऐसा कोई कानूनी अधिकार नहीं है, जिसका सभी मतदान केंद्रों में मतदाता मतदान के अंतिम प्रमाणित डेटा को प्रकाशित करने के लिए किया जा सके।












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