अब गणतंत्र दिवस की परेड में नहीं दिखेंगे चुने गए बहादुर बच्चे, ये है वजह
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नई दिल्ली। भारत के गणतंत्र दिवस पर हर साल भारतीय बाल कल्याण परिषद (आईसीसीडब्ल्यू) द्वारा चुने गए बहादुर बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। साथ ही इन बच्चों को परेड में शामिल भी किया जाता है। ये एक तरह से परंपरा है। लेकिन इस परंपरा के साथ इस साल इन बच्चों के दिल भी टूट जाएंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसारगणतंत्र दिवस पर पुरस्कार के लिए चुने गए 20 बहादुर बच्चों की जगह अन्य 26 बच्चों को चुना गया है। बता दें कि ये राष्ट्रीय सम्मान बच्चों के लिए बड़ी बात होता है।

बता दें कि भारतीय बाल कल्याण परिषद पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगा है जिससे कुछ समय पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने परिषद पर सवाल खड़े कर दिए थे। इसी के बाद से बाल विकास और महिला मंत्रालय ने खुद को परिषद से अलग कर लिया जिसके चलते इन बच्चों को परेड में न शामिल करने का फैसला हुआ। आईसीसीडब्लू की अध्यक्ष गीता सिद्धार्थ ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ये हमारे अपने पुरस्कार थे। हमने इसे लेकर पीएमओ और रक्षा मंत्रालय को खत लिखा है लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
गौरतलब है कि इन बच्चों को शामिल न करने को लेकर सरकार ने न केवल परंपरा बदली है बल्कि इस पुरुस्कार का नाम तक बदल दिया है। पहले जिसे बाल वीरता पुरस्कार नाम से दिया जाता था उसे अब 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' नाम दे दिया गया है। इस पुरस्कार के भीतर 6 श्रेणियां बनाई गई हैं जिसमें कला, संस्कृति, बहादुरी, समाजसेवी, नवीनता और शिक्षा शामिल हैं। इन सभी श्रेणियों के लिए कुल 26 छात्रों को चुन लिया गया है।
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