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71वां गणतंत्र दिवस: क्यों राजपथ पर पहली बार यह महिला टुकड़ी लिखने जा रही इतिहास?

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नई दिल्ली। आजाद भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार नजारा देखने को मिलेगा जब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के सामने असम राइफल्स की एक महिला टुकड़ी भी परेड करती नजर आएंगी। इस महिला टुकड़ी में कुल 144 कैडेट्स हैं, जो कदम से कदम मिलाते हुए देश का सीना से गर्व से चौड़ा करेगी। गणतंत्र दिवस के परेड में इस टुकड़ी सभी की निगाहें रहे वाली हैं। इस परेड में दो महिला ऑफिसर भी होंगी, जो अपनी टुकड़ी के साथ कदम से कदम मिलाते हुए चलेंगी।

इस बार दिखेगी एक अनोखी टुकड़ी

इस बार दिखेगी एक अनोखी टुकड़ी

71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर यह पहला अवसर होगा जब असम राइफल्स की जाबांज महिला टुकड़ी पूरे देश को अपनी ओर आकर्षित करेगी। यह टुकड़ी इसलिए भी खास हैं क्योंकि इसमें कई महिला जवानों ने अपने परिवार के शहीद हुए सदस्यों के बाद सेना का हिस्सा बनी है। साल 2015 में पहली बार असम रायफल्स की महिला विंग का गठन किया गया था, उसके बाद से ही यह टुकड़ी राजपथ पर परेड करने के लिए मेहनत कर रही हैं और आखिरकार इस बार वह मौका आ ही गया, जब वे देश की अन्य सैन्य टुकड़ियों के साथ परेड करेगी।

असम राइफल्स की महिला विंग पर होगा गर्व

असम राइफल्स की महिला विंग पर होगा गर्व

देश की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स की महिला विंग जब राजपथ पर परेड करेगी, तब नजारा बहुत ही अद्भुत और आकर्षक होगा। अपने पति की जगह पर असम राइफल्स की महिला विंग में शामिल हुई सुनीता थापा कहती हैं कि वह इस परेड का हिस्सा बनकर बहुत खुश हैं। थापा को उनके परिवार से भी बहुत सपोर्ट मिल रहा है। पांच साल के एक बेटे की मां सुनीता थापा कहती हैं कि उसका परिवार उस पर गर्व करता है और उसे असम राइफल्स पर गर्व है।

अपने पिता की जगह देश सेवा में शामिल हुई गायत्री

अपने पिता की जगह देश सेवा में शामिल हुई गायत्री

एक और राइफल महिला गायत्री शर्मा जो डेढ़ साल पहले अपने पिता की जगह पर इस फोर्स का हिस्सा बनी थीं, जो कहती हैं, 'अपने पिता की तरह देश के प्रति पूरी निष्ठा के साथ अपना कर्त्तव्य निभाएंगी। गायत्री के पिता ने 2001 में शहादत प्राप्त की थी। असम राइफल्स की महिला जवान ने कहा कि उसने अपने पिता को तीन साल की उम्र में ही खो दिया था, जो कि एक असम राइफल्स जवान थे। राइफल महिला ने कहा, "मुझे असम राइफल्स में शामिल होने के लिए एक पत्र मिला था। मैं अपने पिता की तरह अपने देश के लिए पूरे समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाऊंगी।' गणतंत्र दिवस की टुकड़ी का हिस्सा बनने के लिए सम्मानित महसूस कर रही हूं' उन्होंने कहा।

खुशबू करेंगी परेड का नेतृत्व

खुशबू करेंगी परेड का नेतृत्व

असम राइफल्स की इस महिला विंग की ऐतिहासिक टुकड़ी का नेतृत्व खुशबू कंवर करेंगी। बता दें कि असम राइफल्स की यह महिला टुकड़ी देश के नॉर्थ ईस्ट में तैनात है। बता दें कि इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

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English summary
71st Republic Day: Assam Rifles's women wing to write historic script at Rajpath
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