ओमान सेना और भारतीय सेना का ऑपरेशन अल निगाह टू शुरू
हिमाचल प्रदेश में चल रहे इस संयुक्त युद्धाभ्यास में भारतीय सेना की नौंवी गोरखा रायफल्स की चौथी बटालियन व रॉयल ओमान आर्मी की 23 इंफेंट्री ब्रिगेड के जवान भाग ले रहे हैं।
शिमला। सोमवार से भारत और ओमान की सेना के बीच चलने वाले 14 दिनों तक चलने वाला संयुक्त युद्धाभ्यास अल निगाह-टू शुरु हो गया। ये युद्धाभ्यास हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा व चंबा जिला की सीमा में धौलाधार पहाड़ियों पर हो रहा है। अल निगाह टू का बेस कैंप हिमाचल प्रदेश में बकलोह छावनी को बनाया गया है। रॉयल ओमान आर्मी के तीस जवान आदमपुर एयरबेस में पहुंचे वहां से उन्हें भारतीय सेना की बकलोह छावनी लाया गया।

सेनाओं के बीच बढ़ेगा भाईचारा
सेना के प्रवक्ता लेफटिनेंट कर्नल मनीष मेहता ने बताया कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच यह संयुक्त युद्ध अभ्यास 14 दिन तक चलेगा। इस संयुक्त अभ्यास का मकसद दोनों देशों के बीच की दूरियों को कम करना है। ताकि भविष्य में होने वाले संयुक्त अभ्यास में आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिले और सैन्य क्षेत्रों में चल रहे प्रयास को मजबूती मिल सके।

दोनों देशों के 60 जवान ले रहे हैं भाग
संयुक्त युद्ध अभ्यास में भारतीय सेना का नेतृत्व नौंवी गोरखा रायफल्स की चौथी बटालियन कर रही है। जबकि ओमान रॉयल आर्मी का नेतृत्व 23 इंफेंट्री ब्रिगेड के जवान कर रहे हैं। इस संयुक्त युद्ध अभ्यास में दोनों देशों के 60 जवान भाग ले रहे हैं। इस युद्ध अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं के बीच विचारों का अदान-प्रदान कर पारस्पारिकता को बढ़ावा देना है।

युद्धाभ्यास से आतंकी हमलों को समझने में मिलेगी मदद
संयुक्त युद्ध अभ्यास से दोनों देशों की सेनाएं अपनी रणनीति एक-दूसरे को समझाने और किसी भी आतंकी घटना में जहां दोनों देशों की सेनाओं को मिलकर काम करना पड़े ऐसी परिस्थितियों में अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने में मदद मिलेगी।

सेना ने बड़े स्तर पर की है तैयारी
भारतीय सेना ने इस संयुक्त युद्ध अभ्यास को सफल बनाने के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग की है। कर्नल मेहता ने बताया कि इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं को रॉक क्रॉफ्ट, स्लिदरिंग, काउंटर टेरोरिजम और लो इंटेसिटी कंनफ्लिक्ट ऑपरेशन्स एंड काउंटर इंसजैर्सी एंड जंगल वारफेयर स्कूल और टेक्निकल ड्रिल्स जोकि एकदम नजदीक से कॉर्डोन करने का प्रशिक्षण दिया जायेगा।

युद्धाभ्यास को कई चरणों में बांटा गया है
14 दिनों तक चलने वाले संयुक्त युद्ध अभ्यास कई चरणों में बांटा गया है। जिससे दोनों देशों के मध्य एकीकरण के मकसद को हासिल किया जा सके। भारतीय सेना के काउंटर इंसजैर्सी ऑपरेशन्स के अनुभव से ओमान आर्मी को निश्चित ही फायदा होगा। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों को एक-दूसरे की रणनीति को समझना और काउंटर इंर्जेसी और काउंटर टेरारिजम जैसे हालातों में एक-दूसरे के संचालन को आसानी से समझने और ऐसी विषम परिस्थितियों कमांड और कंट्रोल से अवगत करवाना है। इससे दोनों देशों की सेनाओं के मध्य सैन्य संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। दोनो देशों के बीच यह दूसरा संयुक्त यद्ध अभ्यास है । इससे पहले भी यह युद्ध अभ्यास जनवरी 2015 में आयोजित किया गया था।












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