SC Street Dogs की समस्या पर सख्त, कहा- खाना खिलाने वाले कुत्ता काटने पर इलाज का पैसा भी दें !
SC Street Dogs की समस्या पर सख्त है। सुप्रीम कोर्ट (SC) ने कहा, जो लोग गली के कुत्तों को खाना खिलाते हैं उन्हें टीकाकरण के लिए जिम्मेदार बनाया जा सकता है। SC street dogs vaccination stray attack treatment cost people who
कोच्चि / नई दिल्ली, 10 सितंबर : उच्चतम न्यायालय ने केरल में आवारा कुत्तों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकाले जाने पर जोर दिया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा, जो लोग गली के कुत्तों को खाना खिलाते हैं उन्हें टीकाकरण के लिए जिम्मेदार बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि अगर किसी पर आवारा द्वारा हमला किया जाता है तो गली के कुत्तों को खिलाने वालों को इसकी कीमत भी वहन करनी चाहिए। SC ने कहा कि गली के कुतों की समस्या पर 28 सितंबर को अंतरिम आदेश सुनाया जाएगा।

जस्टिस सिरी जगन कमीशन
गली के कुत्तों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने न्यायमूर्ति सिरी जगन आयोग से भी स्टेटस रिपोर्ट रिपोर्ट मांगा है। इस आयोग का गठन शीर्ष अदालत ने 2016 में ही किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों के काटने की शिकायतों से निपटने और पीड़ितों के लिए मुआवजे का निर्धारण करने के लिए जस्टिस सिरी जगन कमीशन का गठन किया था।

खाना खिलाने वाले लोग टीकाकरण का पैसा देंगे
गौरतलब है कि फिलहाल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी की पीठ केरल में आवारा कुत्तों के खतरे से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। जस्टिस खन्ना ने कहा, "एक समाधान खोजना होगा ... मैंने सोचा था कि कुत्तों को खिलाने वाले लोगों को ऐसा करने की अनुमति दी जानी चाहिए, वे कुत्ते की पहचान नंबर या मार्किंग से रख सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति पर हमला किया जाता है तो खाना खिलाने वाले लोग टीकाकरण और लागत वहन करने के भी जिम्मेदार होंगे।"

एक लाख लोगों को कुत्तों ने काटा, 21 की मौत
दिलचस्प है कि लगभग एक लाख लोगों ने आवारा कुत्तों के काटने की कंप्लेन की है। केरल हाईकोर्ट के फैसले को चैलेंज करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 'खर्च वहन' वाली टिप्पणी की है। इस साल अब तक 21 लोगों की मौत रेबीज के कारण हुई है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मरने वाले 21 लोगों में से पांच को रेबीज रोधी टीके लगाए गए थे।

12 वर्षीय मासूम की मौत
आवारा कुत्ते के काटे जाने के बाद इलाज करा रही केरल के रान्नी में रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची अभिरामी की सोमवार को मौत हो गई। डॉग बाइट से पीड़ित अभिरामी कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती थी।

जज ने कहा- ज्यादातर लोग कुत्तों से प्रेम करते हैं
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल सरकार से कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या को दूर करने और पशु अधिकारों के साथ संतुलन बनाने की दिशा में एक समाधान खोजा जाना चाहिए। अदालत ने आवारा कुत्तों को ट्रैक करने के लिए चिप्स लगाने का सुझाव दिया। जस्टिस खन्ना ने कहा, "हम में से ज्यादातर कुत्तों से प्रेम करते हैं। मैं भी कुत्तों को खिलाता हूं... कोई तर्कसंगत रास्ता निकालना होगा। मैं कुत्तों को टहलाता भी हूं, लेकिन कुछ क्रूर होते हैं, उन्हें अलग करना पड़ता है।" बहस के दौरान केरल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वी गिरि ने तर्क दिया कि स्थिति बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा, नगरपालिका और पंचायत कानूनों के अनुसार खतरनाक कुत्तों को नष्ट करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

केरल हाईकोर्ट ने कुत्तों को मारने की परमिशन दी
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट भारतीय पशु कल्याण बोर्ड और अन्य पक्षों की याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई कर रही है। गली के कुत्तों की समस्या से आतंकित और मामले की गंभीरता को भांपते हुए सात साल पहले केरल हाईकोर्ट में भी आदेश पारित किया था। हाईकोर्ट के फैसले में आवारा कुत्तों को पकड़ने और मारने की अनुमति दी गई थी। केरल उच्च न्यायालय के 2015 के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई है।












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