SC/ST एक्ट: सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में 2 बजे होगी सुनवाई
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट एससी/एसटी एक्ट में मामले में दायर की गई पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में तत्काल सुनवाई को राजी हो गया है। इस पर दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी। केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल करके कोर्ट से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की थी। बीजेपी के कई सांसदों सहित कई दलों ने केंद्र सरकार के सामने यह मांग रखी थी कि वो इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करे। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मंगलवार को भारत बंद के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हिंसा और जान-माल के नुकसान का हवाला दिया था. इसके बाद न्यायालय सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया।

आपको बता दें कि एससी/एसटी अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोमवार (2 अप्रैल) को दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया था। इस दौरान देश के अधिकतर राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए जिसमें लगभग 9 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब सहित अन्य स्थानों पर आगजनी, गोलीबारी और तोड़फोड़ की खबरों के बीच कई राज्यों ने बंद के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया था और संचार एवं रेल समेत परिवहन सेवाएं अस्थायी तौर पर रोक दी थीं।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया था
सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के दुरुपयोग को रोकने को लेकर गाइडलाइन जारी की थीं। यह सुनवाई महाराष्ट्र के एक मामले में हुई थी। ये गाइडलाइंस फौरन लागू हो गई थीं।
- सरकारी कर्मी के लिए: तुरंत गिरफ्तारी नहीं। सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी सिर्फ सक्षम अथॉरिटी की इजाजत से होगी।
- आम लोगों के लिए: एक्ट के तहत आरोपी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, तो उनकी गिरफ्तारी एसएसपी की इजाजत से होगी।
- अदालतों के लिए: अग्रिम जमानत पर मजिस्ट्रेट विचार करेंगे और अपने विवेक से जमानत मंजूर या नामंजूर करेंगे।
उल्लेखनीय है कि एनसीआरबी 2016 की रिपोर्ट बताती है कि देशभर में जातिसूचक गाली-गलौच के 11,060 शिकायतें दर्ज हुईं। जांच में 935 झूठी पाई गईं।












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