ED की वो दलीलें जो सुप्रीम कोर्ट ने नहीं मानी, अब जेल से बाहर आएंगे अरविंद केजरीवाल
लोकसभा के चुनावी मैदान में अब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी हुंकार भरेंगे।
दिल्ली शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार किया था। लेकिन अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है।
सु्प्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 1 जून तक के लिए जमानत दी है। केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि क्या 5 जून तक के लिए जमानत दी जा सकती है। जिसे जस्टिस खन्ना ने खारिज कर दिया।

अडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने संजय सिंह का मामला उठाया तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमे कोई तुलना नहीं करनी चाहिए, अरविंद केजरीवाल को मार्च में गिरफ्तार किया गया, यह पहले ये बाद में भी हो सकता था। 21 दिन पहले या बाद से कोई फर्क नहीं पड़ता। अरविंद केजरीवाल को 2 जून को सरेंडर करना होगा।
कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 1 जून तक के लिए जमानत दी है। इससे पहले गुरुवार को ईडी ने हलफनामा दायर करके अरविंद केजरीवाल की जमानत का विरोध किया था। लेकिन बावजूद इसके कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी है।
अरविंद केजरीवाल की जमानत के खिलाफ ईडी ने जो हलफनामा दायर किया था, उसमे ईडी की कई दलीलों को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। ईडी ने कहा कि सामान्य नागरिक की तुलना में अरविंद केजरीवाल विशेषाधिकार का दावा नहीं कर सकते हैं, उन्हें किसी अन्य नागरिक की तरह ही हिरासत में लिया जा सकता है।
ईडी की ओर से कहा गया कि किसी राजनेता के साथ किसान या व्यवसायी से अलग व्यवहार करना उचित नहीं है। अगर चुनाव प्रचार को रिहाई का आधार बनाया जाएगा तो यह अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। इस तरह जेल में किसी अपराध को लेकर बंद किसान फसल की कटाई, कंपनी का निदेशक वार्षिक बैठक के लिए जमानत मांग सकता है।
यही नहीं ईडी ने कहा कि चुनाव प्रचार का अधिकार ना तो मौलिक अधिकार है ना ही संवैधानिक या कानूनी अधिकार है। ईडी ने कहा कि आजतक किस भी राजनेता को चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत नहीं दी गई है।
साथ ही ईडी ने अपने तर्क में कहा कि पांच साल में 123 चुनाव हुए हैं, ऐसे में किसी को चुनाव प्रचार के लिए जमानत देनी है तो फिर किसी को गिरफ्तार ही नहीं किया जा सकता है। किसी को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जा सकता है, चुनाव तो पूरे साल होते हैं।
सुप्रीम कोर्टके जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हम अरविंद केजरीवाल को जमानत देने पर विचार कर सकते हैं। यह असाधारण स्थिति है। अरविंद केजरीवाल आदतन अपराधी नहीं हैं।












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