इलाज में लापरवाही बरतने पर 6 करोड़ का मुआवजा देना का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजा बढ़ाते हुए अस्पताल से कहा कि वह डॉक्टर साहा को छह फीसदी की दर से ब्याज भी दे। मालूम हो कि चिकित्सकीय लापरवाही के चलते डॉ कुणाल साहा की पत्नी अनुराधा साहा की एएमआरआई अस्पताल में मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायालय ने कहा कि मुआवजे की कुल राशि में से डॉ बलराम प्रसाद और डॉ सुकुमार मुखर्जी 10-10 लाख रुपये तथा डॉ बैद्यनाथ हलदर 5 लाख रुपये आठ सप्ताह के अंदर डॉ साहा को देंगे।
बाकी पैसों का ब्याज सहित भुगतान अस्पताल करेगा। साथ ही बेंच ने मुआवजे के भुगतान के बाद अपने एक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश भी दिया। उल्लेखनीय है कि अनुराधा खुद भी बाल मनोचिकित्सक थी और वह मार्च 1998 में गर्मी की छुटि्टयों में अपने घर आई थीं। उन्होंने शरीर की त्वचा पर ददोड़े की शिकायत होने पर डा सुकुमार मुखर्जी से परामर्श किया जिन्होंने कोई दवा लिखे बगैर ही उसे कुछ परीक्षण कराने का सुझाव दिया। त्वचा पर ददोड़े फिर से आने पर 7 मई, 1998 को डा मुखर्जी ने अनुराधा को दिन में दो बार 80 एमजी का डेपोमेड्राल इंजेक्शन लगाने की सलाह दी।
शीर्ष अदालत में विशेषज्ञों ने इस कदम को ही त्रुटिपूर्ण पाया। यह इंजेक्शन लगाए जाने के बाद से अनुराधा की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। इस पर उसे डा मुखर्जी की देखरेख में ही एएमआरआई अस्पताल में 11 मई, को दाखिल किया गया। अनुराधा का 28 मई, 1998 को निधन हो गया था। इसके बाद ही कुणाल साहा ने अस्पताल और डाक्टरों के खिलाफ आपराधिक और दीवानी लापरवाही का मामला दायर किया था।












Click it and Unblock the Notifications