कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी, SC नें केंद्र से पूछा- आपके पास है कोई इमरजेंसी प्लान?
नई दिल्ली, मई 06। देश कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर का सामना कर रहा है जिसकी भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज (गुरुवार) दुनिया के सबसे अधिक दैनिक मामले भारत में सामने आए हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने देश में अव्यवस्था को उजागर किया है, केंद्र हो या राज्य सरकारें हर कोई बेबस नजर आ रहा है। इस बीच विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कोविड की तीसरी लहर भी जरूर आएगी। महामारी के खिलाफ सरकार की तैयारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि वह कोरोना की तीसरी लहर का सामना किस प्रकार करेंगे। क्या केंद्र के पास कोई इमरजेंसी प्लान है?

जस्टिस चंद्रचूड़ की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने गुरुवार को केंद्र से कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर को लेकर प्रशासन की तैयारियों के बारे में पूछा। न्यायालय ने केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित महाधिवक्ता तुषार मेहता से कहा, बताइए कि महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए केंद्र कितना तैयार है? न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि आसन्न तीसरी लहर में बच्चे प्रभावित हो सकते हैं और जब बच्चा अस्पताल जाता है, तो उसके माता-पिता भी जाएंगे। इसलिए, इस आयुवर्ग के लोगों के टीकाकरण को उस समय तक किसी भी हाल में पूरा करने की आवश्यकता है।
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सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर के लिए हमें अभी से तैयारी की आवश्यकता है। युवाओं का युवाओं का वैक्सीनेशन करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आज करीब डेढ़ लाख ऐसे डॉक्टर्स हैं जो एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं, वहीं लगभग ढाई लाख नर्स घरों में बैठी हैं। ये वही लोग है जो कोरोना वायरस की तीसरी लहर के समय आपके इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करेंगे। कोर्ट ने यही भी कहा कि देशभर के स्वास्थ्यकर्मी मार्च 2020 से लगातार काम कर रहे हैं, उन पर भी थकान और दबाव बहुत ज्यादा है।












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