'मैं रहूं या ना रहूं इसलिए सच्चाई बताना चाहता हूं', ICU से सत्यपाल मलिक ने मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
SatyaPal Malik : जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार 08 जून को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनकी हालत बहुत गंभीर है और वो ICU में भर्ती हैं। सत्यपाल मलिक अपनी दोनों किडनी फेल होने की वजह से महीनेभर से अस्पताल में एडमिट हैं। उन्होंने लोगों से संपर्क करने के लिए एक नंबर भी साझा किया है '96105 44972' लेकिन इसी के साथ सत्यपाल मलिक ने एक दूसरे एक्स पोस्ट में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्वाइंट टू प्वाइंट लिखकर 'अपनी सच्चाई' देशवासियों के सामने रखी है।
सत्यपाल मलिक ने कहा, ''नमस्कार साथियों, मैं पिछले लगभग एक महीने के करीब से हस्पताल में भर्ती हूं और किड़नी की समस्या से जूझ रहा हूं। परसों सुबह से मैं ठीक था लेकिन आज फिर से मुझे ICU में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है। मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं।''

सत्यपाल मलिक का सच
🔵 सत्यपाल मलिक ने कहा, ''जब गवर्नर के पद पर था तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश भी हुई परंतु में मेरे राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह जी की तरह ईमानदारी से काम करता रहा ओर मेरा ईमान वो कभी डिगा नहीं सकें।''
🔵 सत्यपाल मलिक ने कहा, '' जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन भी चल रहा था, मैंने बगैर राजनीतिक लोभ लालच के पद पर रहते हुए किसानों की मांग को उठाया।''
🔵 सत्यपाल मलिक ने कहा, '' फिर महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा।''
🔵 सत्यपाल मलिक ने कहा, '' पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है।''
सत्यपाल मलिक ने मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सत्यपाल मलिक ने कहा,
''सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री जी (नरेंद्र मोदी) को बताया था इस मामले में करप्शन है और उन्हें बताने के बाद में मैंने खुद उस टेंडर को कैंसिल किया, मेरा तबादला होने के बाद में किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ। मैं सरकार को और सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान कौम से हूं, मैं ना तो डरने वाला हूं ओर ना ही झूकने वाला हूं।''
सत्यपाल मलिक ने कहा,
''सरकार ने मुझे बदनाम करने में ताकत लगा दी, अंत में मेरा सरकार से ओर सरकारी एजेंसियों से अनुरोध है कि मेरे प्यारे देश की जनता को सच्चाई जरूर बताना कि आपको छानबीन में मेरे पास मिला क्या? हालांकि सच्चाई तो यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं ओर कर्ज में भी हूं। अगर आज मेरे पास धन दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता।''












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