आसमान में नजर आएगा दुर्लभ नजारा, एक सीध में होंगे शनि, बृहस्पति, मंगल और शुक्र
नई दिल्ली, 27 अप्रैल। अप्रैल महीने का अंतिम सप्ताह एक अद्भुत खगोलीय घटना का गवाह बनेगा क्योंकि क्योंकि शनि, बृहस्पति, मंगल और शुक्र की एक लाइन में धरती से नजर आएंगे, जिन्हें आप लोग नग्न आंखों से देख सकते हैं। पठानी सामंत तारामंडल, भुवनेश्वर के उपनिदेशक डॉ शुभेंदु पटनायक ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि ये दुर्लभ खगोलीय घटना पूरे 1000 साल बाद होने जा रही है।
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आसमान में नजर आएगा दुर्लभ नजारा
डॉ शुभेंदु पटनायक ने कहा कि इस खगोलीय घटना को आकाश में साफ तौर पर देखने के लिए आपको प्रदूषण मुक्त एरिया में रहना होगा, अगर आप किसी पहाड़ की चोटी पर या पहाड़ी क्षेत्र में हैं तो आप साफ तौर पर इस अनोखी घटना के दर्शन कर पाएंगे , इन ग्रहों को देखने के लिए टेलीस्कोप की भी जरूरत नहीं होगी।

शनि, बृहस्पति, मंगल और शुक्र एक सीध में
शनि, बृहस्पति, मंगल और शुक्र का एक लाइन में आने का मतलब ये नहीं है कि ये सभी ग्रह एक-दूसरे के बेहद निकट होंगे बल्कि ये तो अंतरिक्ष में अरबों किलोमीटर की दूरी पर रहेंगे लेकिन एक सीध में होने पर ये आपको पास-पास नजर आएंगे। सूर्यास्त होने के आधे घंटे बाद इन ग्रहों को देखा जा सकेगा। अगर आपको ग्रह खोजने में कोई दिक्कत हो तो आप अपने Smart Phone स्टार ट्रेकर ऐप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

जानिए खास बातें
शनि: शनि सौरमंडल का छठां ग्रह है और बृहस्पति के बाद सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह हैं। इस ग्रह के चारों ओर पाए जाने वाले रिंग सिस्टम के कारण ही इसे सौरमंडल का सबसे आकर्षित ग्रह कहा जाता है।
बृहस्पति: ये हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है, जो गैसों का एक समूह है। भारत में इस ग्रह को 'गुरु' के नाम से भी जाना जाता है। वहीं अंग्रेजी में इसे 'जुपिटर' के नाम से जाना जाता है।
सूर्य के सबसे निकटतम ग्रहो में से एक है शुक्र
मंगल: इसका रंग लाल है इसलिए इसे लाल ग्रह भी कहते हैं। मंगल ग्रह पृथ्वी का सबसे निकटतम ग्रह है।
शुक्र: ये सौरमंडल में सूर्य के सबसे निकटतम ग्रहो में से एक है। शुक्र अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है जिसकी घूर्णन दिशा Uranus के घूमने की दिशा के समान है। सूर्य के प्रकाश को शुक्र ग्रह तक पहुँचने में लगभग 6 मिनट लगते हैं।












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